17 सितंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जांजगीर चंपा
कलेक्टर साहब देखिए… मौत के साए में पढ़ाई, आखिर कैसे बोलेगा बचपन
Play video

कलेक्टर साहब देखिए… मौत के साए में पढ़ाई, आखिर कैसे बोलेगा बचपन

पामगढ़ ब्लॉक के शाप्राशाला अजा पारा रसौटा स्थित का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। यहां तक तात्कालिन कलेक्टर के द्वारा उक्त भवन को डिस्टमेंटल तक घोषित किया जा चुका है लेकिन आज भी उसी जर्जर भवन में ही बच्चे मौत के साए में बैठकर पढ़ रहे हैं। बच्चे के साथ वहां के शिक्षकों की जिंदगी भी रोज दांव पर लग रही है।
Google source verification

इतना जर्जर हो चुका है कि तीन कमरे में से दो कमरे तो कभी भी ढह सकते हैं। इसलिए एक कमरे में ही पहली से पांचवीं तक के बच्चों को एक साथ बिठाया जा रहा है। समझा जा सकता है कि शिक्षक खुद कितने मजबूर हैं। हालांकि इस सत्र भी वहां क्लास लगाने के पीछे मजबूरी स्कूल जतन योजना की ठेकेदार की लापरवाही का नतीजा है। क्योंकि जर्जर भवन को देखते हुए यहां स्कूल जतन योजना के तहत दो नए अतिरिक्त कक्ष भवन बनाने सालभर पहले स्वीकृति दी जा चुकी है। छह माह में भवन बनाकर देना था मगर सालभर बाद भी दोनों अतिरिक्त कक्ष का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। नए शिक्षा सत्र से पहले अगर अतिरिक्त भवन बनाकर स्कूल विभाग को मिल चुका होता तो आज मौत के साए में बचपन नहीं होता।

बड़ी खबरें

View All

जांजगीर चंपा

छत्तीसगढ़