जांजगीर.चांपा. एनएच 49 बायपास सड़क निर्माण में कई तरह की अनियमितता को लेकर पुटपुरा के किसानों ने राजस्व अफसरों से आपत्ति दर्ज की थी और सड़क निर्माण में रोक लगा दी थी, जिसे लेकर ठेकेदार सुभाष अग्रवाल हरकत में आए और पुटपुरा के किसानों के सामने मिन्नतें करने महुंच गए। ठेकेदार ने किसानों से वादा किया कि पुल निर्माण में जो अनियमितता बरती गई है उसे दूर किया जाएगा और बारिश से पहले पुल के करीब पिचिंग कराई जाएगी, ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो। किसानों ने ठेकेदार की बातों में आकर काम जारी रखने का आश्वासन दिया है।
दरअसल एनएच 49 बायपास सड़क निर्माण में ठेकेदार ने ऐसा पुल का निर्माण कर दिया है जो टेढ़ा है और पुल का पानी दर्जनों किसानों के खेतों में समा जा रहा है। इससे किसानों की 20 से 25 एकड़ की फसल बर्बाद हो जा रही है। समस्या को देखते हुए किसानों ने राजस्व अफसरों को लिखित में शिकायत की थी। शिकायत दर्ज होने के बाद राजस्व अफसर ने ठेकेदार को फटकार लगाई थी।
इस आशय की खबर पत्रिका ने 15 नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद एनएच के ठेकेदार सुभाष अग्रवाल 16 नवंबर को पुटपुरा के किसानों के पास पहुंचे और उनसे गुजारिश की कि पुल के पास पिचिंग कराई जाएगी। ताकि किसानों को दिक्कतों का सामना करना न पड़े। ठेकेदार ने किसानों से कहा कि पुल निर्माण में इंजीनियर ने कुछ त्रुटि की है। इसके चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों को ठेकेदार ने आश्वासन दिया कि जनवरी-फरवरी तक पुल के करीब पिचिंग का निर्माण कर दिया जाएगा।
Read More : धान खरीदी : 40 किलो ही होगी धान की तौल, एक बीज भी अधिक लिया तो समिति प्रबंधक पर गिरेगी गाज

यह था पूरा मामला
गौरतलब है कि जांजगीर चांपा में बिलासपुर मसनियाकला 365 करोड़ तक एनएच 49 बायपास सड़क का निर्माण किया जा रहा है। यही सड़क 11 वीं बटालियन पुटपुरा की ओर से भी गुजरी है। पुटपुरा के पास एक नाला बहा है। सड़क निर्माण के दौरान जिस नाले का निर्माण किया गया है इसकी दिशा विपरीत कर दी गई है। इससे नाले के पानी का बहाव आसपास के किसानों की फसल को प्रभावित कर रहा है। पुटपुरा के किसान गोविंद राठौर ने बताया कि जिस पुल का निर्माण किया गया है वह बेडोल बना दी गई है। बारिश के समय नाले का पानी किसान के खेतों की ओर जा रहा है। जिससे 9 से 10 एकड़ की फसल तबाह हो रही है। जिसके चलते उनके परिवार को भूखों मरने की नौबत आ गई है। इंजीनियर ने ठेकेदार का रकम बचाने के फेर में नाले की धार ही मोड़ दी।