जांजगीर-चांपा. नगर पंचायत बलौदा में दर्जनों गांव के लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन यहां सिर्फ तीन एटीएम होने के बाद भी पैसा नहीं रहता, जिससे आसपास ग्रामीणों को लेन-देन करने के लिए यहां पहुंचते है। पैसा के अभाव में लोगों को खरीददारी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बलौदा के एटीएम में प्रत्येक दिन पैसा नहीं होने की शिकायत मिलती है। सबसे ज्यादा दिक्कत तो शनिवार को यहां बाजार लगता है उस दिन तो दूर-दूर से लोग खरीददारी करने के लिए यहां पहुंचते हैं लेकिन एटीएम में पैसा नहीं होने के कारण लोगों को बैरंग लौटना पड़ता है।
एसबीआई के ब्रांच मैनेजर अनिल कुमार सहारे का कहना है कि एटीएम में पैसा जांजगीर से डाला जाता है और एटीएम में पैसा नहीं होने की जानकारी भी हमें नहीं मिलती है। ऐसे में हमे एटीएम में आउट ऑफ सर्विस की जानकारी भी नहीं होती है। एटीएम में कब पैसा डाला जाता है और कब खत्म होता है उसकी जानकारी हमे नहीं होता है। अगर इसी तरह की स्थिति रहे तो लोगों का भरोसा एटीएम से भी उठ जाएगा।
Read More : आखिर ऐसा क्या कर रहा विभाग कि हर रोज काटनी पड़ रही बिजली, लोगों में आक्रोश
यह स्थिति बलौदा में सालों से चलती जा रही है। रकम डालने की सुविधा बलौदा हो जाती तो एटीएम में पैसे की कमी कभी भी समस्या नहीं होती। जरूरत के समय लोगों को खुद के पैसे के लिए बैंकों का चक्कर काटना पड़ रहा है। जहां लोग दूर-दराज के गांव से सामान की खरीदी करने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचते है। एटीएम में रकम नहीं होने से उन्हें उल्टे पांव घर लौटना पड़ता है।
नोट छपने में कमी होने के कारण बैंको को करेंसी नहीं मिल रही है। इससे लोगों को नकद के लिए बैंकों का चक्कर लगाना पड़ रहा है, फिर भी रकम नहीं मिल रही है। जबकि वर्तमान में शादी विवाह का दौर चल रहा है। लोगों को इस समय नकदी की सर्वाधिक जरुरत है। वहीं एटीएम में भी रकम नहीं होने के कारण भी लोग भटकने मजबूर हैं। नोटबंदी खत्म होने के बावजूद बैंकों में कैश की समस्या बनी हुई है। इससे ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। यही हाल एटीएम का भी बना हुआ है, एक अप्रैल से बैंकों में मांग के अनुसार कैश नहीं मिल रहा है। वहीं जिन एटीएम में रकम है भी वहां से लोगों को 100 और 500 के नोट नहीं मिल रहे हैं।