
जौनपुर. मुंगराबादशाहपुर रोडवेज का एक बड़ा हिस्सा बीती रात भरभरा कर ढह गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
बुधवार रात से हो रही तेज बारिश के चलते देर रात तकरीबन 2 बजे रोडवेज परिसर की जर्जर छत तेज आवाज के साथ ढह गयी। किसी अनहोनी की आशंका में लोग रोडवेज परिसर की ओर दौड़ कर पहुंचे और हादसे में किसी के हताहत न होने पर राहत की सांस ली। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे से पहले वहां चौकीदार सोया हुआ था। लेकिन छत गिरने के ठीक पहले वह पेशाब करने चला गया था। जिस कारण उसकी जान बच गई। हालांकि इस दौरान छत के नीचे सोए कुत्ते की मलबे में दबकर मौत हो गई। बिल्डिंग पर खतरा जरूर लिखा हुआ है लेकिन विभाग द्वारा अभी इसे कंडम घोषित नहीं किया गया था।
अगली सुबह रोड़वेज की बिल्डिंग गिरने से गुस्साए कर्मचारियों ने रोडवेज बसो का संचालन ठप करते हुए हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी। रोडवेज कर्मचारियों का कहना था कि गनीमत रही की यह हादसा रात में हुआ। यदि दिन में हुआ होता तो जानमाल का भारी नुकसान होता। कर्मचारियों के हड़ताल की घोषणा के बाद आज बादशाहपुर डिपो से विभिन्न रूटों इलाहाबाद, गोरखपुर, अकबरपुर ,प्रतापगढ़, दिल्ली के चलने वाली बसों के पहिये नहीं हिले। जिस कारण बड़ी स़ंख्या मे यात्री परेशान दिखे।
रोडवेज कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजय सरोज के नेतृत्व में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि बादशाहपुर डिपो की बिल्डिंग का निर्माण फौरन शुरू किया जाए। कर्मचारियों के बैठने की कोई अन्य जगह व्यवस्था की जाए। पानी की टंकी दस सालों से बनी हुई है उसे भी चालू किया जाए। वर्कशाप में यात्री शेड की व्यवस्था की जाए। रोडवेज परिसर को जलजमाव से तत्काल मुक्त किया जाए। वहीं घटना की जानकारी रोडवेज के अधिकारियों को दे दी गई है।
By- जावेद अहमद