जिले की सड़कों पर सफर करते वक्त आपको बहुत सावधान रहने की जरू रत है। जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। जिले की सड़कें हर दो दिन में औसत दो लोगों की जान ले रही है। सड़क हादसों का बड़ा कारण बेलगाम दौड़ते वाहन है। जिले में आस-पास के क्षेत्र में पिछले दिनों हुए सड़क हादसों ने आम लोगों को झकझोर दिया। सड़क हादसों के नाम से ही अब लोगों को डर लगने लगा है। जिले में जनवरी से अभी तक141 लोगों की जान सड़क हादसों में जा चुकी है, वहीं नवंबर माह में आधा दर्जन हादसे ऐसे हुए है जिनमें मौके पर ही लोगों की मौत हो गई है। हादसों की वजह पता करें तो जो कारण सामने आए उनमें जल्दबाजी, लापरवाही, तेज रफ्तार और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों की पालना नहीं करना आदि है, अगर इनके प्रति सावधानी बरती होती तो हादसों से बचा जा सकता था। कई हादसों में लापरवाही से घर का कमाने वाला व्यक्ति चले जाने पर परिवार पर ही संकट के बादल मंडरा जाते हैं।
जिले में सबसे ज्यादा हादसे यहां-
जिलेभर के 26 थाना क्षेत्र में गत वर्ष 472 हादसे हुए है। जिनमें 555 लोग घायल हुए है। जिनमें 178 लोगों की जान सड़क हादसों गई। जिसमें सबसे ज्यादा हादसे असनावर व अकलेरा, खानपुर, सदर व भवानीमंडी थाना क्षेत्र में हुई। अकलेरा थाना क्षेत्र में 24, असनावर में12, सदर में13, खानपुर में13 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई।
पांच साल में 600 से अधिकलोगों की गई जान
वर्ष हादसे घायल मौत
2019 429 475 116
2020 379 429 137
2021 322 439 123
2022 472 555 178
2023 नवंबर तक 380 436 141
इन हादसों ने झकझोर दिया-
केस एक-
एक ही परिवार के तीन की मौत जिले के पचपहाड़ निवासी एक ही परिवार के तीन सदस्यों की 15 नवंबर को दर्दनाक मौत हो गई है। ये परिवार भाई दूज मनाने जा रहा था। पचपहाड़ निवासी हितेश मेवाड़ा (26) पुत्र बगदीराम उसकी बहन पूजा मेवाड़ा (28) व उसकी मां कमलेश (50) तीनों मोटरसाइकिल से भाईदूज मनाने चेचट थाना क्षेत्र के धावद गांव जा रहे थे। इसी दौरान करीब 9 से 10 बजे के बीच उंडवा के पास एक ने कार तेज रफ्तार में ओवरटेक करने के चक्कर में गलत साइड में आकर मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, इससे हितेश की मौके पर ही मौत हो गई,वहीं पूजा व कमलेश की एसआरजी चिकित्सालय लाते समय रास्ते में मौत हो गई। एक साथ परिवार से तीन लोगों की जान जाने से घर में एक ही सदस्य बचा है।
केस दो
एक ही परिवार के दो की मौत – 14 नवंबर को चौमहला निवासी राजाराम पिता बालूराम मेघवाल (45) पत्नी ललिता बाई(40) पुत्रिया जिया(12), आयशा (10) व पुत्र ईशान(6)सीतामऊ की तरफ से बाइक पर आ रहे थे। अचानक सामने से आ रही कार का टायर फटने से असंतुलित हो गई और बाइक सवार से भिड़ंत हो गई। इसमें से बाइक सवार आयशा की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे दिन पिता की भी अस्पताल में मौत हो गई। कमाने वाला चला जाने से परिवार परेशानी में आ गया।
केस तीन-
झालावाड़. में 15 नंवबर को कोतवाली थाने के सामने एक कार सवार ने बाइक को टक्कर मार दी इससे रामद्वारा गली झालावाड़ निवासी ब्रह्मप्रकाश (45) पुत्र बृजमोहन शर्मा की मौत हो गई। शर्मा झालरापाटन की तरफ से बुधवार रात को करीब 11.30 बजे आ रहा था। इसी दोरान एक कार सवार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे ब्रह्मप्रकाश के सिर में गहरी चोट आई,जिसे एसआरजी चिकित्सालय लेकर गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शर्म ठेकेदारी का काम कर घर चला रहा था। अब परिवार पर संकट का पहाड टूट पड़ा।
केस चार-
15 नंवबर को नेशनल हाईवे 52 पर आहू नदी के समीप सड़क हादसे में दो जनों की मौत हो गई । जिसमें हनुमान खेड़ा निवासी विनोद और झालावाड़ के जूनापानी निवासी विनोद के भांजा अनिल की मौत हो गई। दोनों अपनी बहन के यहां भाईदूज मनाने जा रहे थे।
हादसों से बचना है तो इन बातों का रखें ध्यान-
-गलत दिशा में वाहन न ले जाएं – आगे और पीछे देखभाल कर ओवरटेक करें।
– शराब पीकर वाहन न चलाएं।
– आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी बना कर रखे, ताकि आगे वाला यदि ब्रेक लगाए तो आपको गाड़ी धीरे करने का पर्याप्त समय मिल सके।
-रात्रि में सड़कों पर अचानक सामने पशुओं के आने से हादसे होने का अंदेशा रहता है। इसलिए वाहनों की रफ्तार धीरे व चालक का ध्यान पूरी तरह सड़क पर रहे।
– वाहन चलाने के दौरान मोबाइल का उपयोग कभी भी नहीं करें। -तेज रफ्तार में वाहन चलाने से बचें।
– वाहन चालाने के दौरान सड़क पर ही फोकस रखें।
– बस, कार व अन्य यात्री वाहनों में गैस सिलेंडर या अन्य ज्वलनशील सामग्री रखने से बचें।
कार्रवाई करेंगे-
हाईकोर्ट की गाइड लाइन है कि ड्रिंक एंड ड्राइव करने, तेज रफ्तार में वाहन चलाने आदि पर तीन माह तक लाइसेंस निलंबित करने का प्रावधान है। अभी चुनाव में व्यस्त है। चुनाव बाद अभियान चलाकर इस तरह की कार्रवाई करेंगे। हादसों वाले स्थानों को भी चेक करवाएंगे। अक्षय विश्नोई, जिला परिवहन अधिकारी, झालावाड़।
चालान बनाए जा रहे हैं-
जिले में हो रहे हादसों की रोकथाम के लिए शराब पीकर व तेज वाहन चलाने वालों के लगातार चालान बनाए जा रहे है। इसी वजह से गत वर्ष से इसबार हादसों में कमी आई है। लोगों को नियमित हेलमेट पहनने के लिए यातायात पुलिस द्वारा जागरुक किया जा रहा है।ओर सख्ती करेंगे। चिरंजीलाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, झालावाड़।