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सर्दी का सितम: ठंडे पानी से सूज रहीं अंगुलियां, गृहणियां अधिक पीडि़त

जिले में कड़ाके की सर्दी से जनजीवन इन दिनों बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। राजकीय हीरा कुंवर बा जनाना चिकित्सालय के चर्म रोग विभाग में रोगियों की संख्या दो गुणा हो गई है।

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– सोरायसिस के मरीज अधिक आ रहे।

जिले में कड़ाके की सर्दी से जनजीवन इन दिनों बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। राजकीय हीरा कुंवर बा जनाना चिकित्सालय के चर्म रोग विभाग में रोगियों की संख्या दो गुणा हो गई है। दिसंबर में जहां 60-80 ही मरीज आ रहे थे, वहीं तेज सर्दी के बाद जनवरी के प्रथम सप्ताह में मरीजों की संख्या दो गुणा बढ़ गई है। तेज सर्दी से हाथोंं,पैरों की अंगुलियों में सूजन आ रही है। चर्म रोग विशेषज्ञों का कहना है कि अंगुलियां लाल तथा नीली तक पड़ रही। सर्दी में तैलीय तथा पसीने की ग्रंथियां काम करना कम कर देती है। इस वजह से त्वचा शुष्क होने लगती है और खुजली आने लगती है। तेज सर्दी में हीटर के आगे लंबे समय तक बैठे रहने से भी त्वचा संबंधी रोगों का खतरा होता है।

पीडि़तों में गृहणियों की संख्या अधिक-

चर्म रोग विभाग के आउटडोर में इस समय मरीजों का जितना पंजीकरण हो रहा है, उनमें लगभग पचास प्रतिशत मरीज सर्दी से पीडि़त होकर आ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या गृहणियों की है। क्योंकि घरों में बर्तन एवं कपड़े धोने में ठंडे पानी का उपयोग अधिक होने से हाथों की अंगुलियों में सूजन आ रही है और नसों में कमजोरी आने लगी है।

सोराइयसिस पीडि़तों की ज्यादा परेशानी-

जिले में जिन लोगों को सोराइयसिस की शिकायत पुरानी है। उनकी यह शिकायत गर्मी में अक्सर समाप्त हो जाती है। सर्दी की दस्तक देने के साथ ही यह बढऩे लगती है। लेकिन इन दिनों जिले में पड़ रही कड़ाके की सर्दी में मरीजों को खुजली अधिक होनेे लगती है और जोड़ों में दर्द होने लगता है। साथ ही कुछ लोगों को मवाद भी अधिक आने लगती है।

इन तीन केस से समझे कैसे मरीज आ रहे

केस एक-

मरीज सीताबाई ने बताया कि तेज सर्दी आते ही पैरों में जलन होने लगी और खुजली शुरू हो गई। जोड़ों में भी दर्दहोने लगा है। ठंडे पानी में हाथ-पैर डालने से अंगुलियां नीली तथा लाल हो गई है। अब चिकित्सकों ने उन्हे ठीक होने तक नियमित दवाइयां लेने की सलाह दी है।

केस दो-

ललिता ने बताया कि सर्दी के दौरान ठंडे पानी से बर्तन-कपड़े आदि धोने में हाथों-पैरों की अंगुलियों में सूजन आ रही है। और शरीर शुष्क रहने लगा है। घर पर तेल आदि लगाकर कोशिश की, लेकिन सुधार नहीं हुआ। चर्म रोग विभाग में चिकित्सक को दिखाया तो लोशन व अन्य दवाइयां का उपयोग करने की सलाह दी।

केस तीन-

शहर के हरिमोहन ने बताया कि लंबे समय से सोराइयसिस से पीडि़त है। गर्मी में इतनी तकलीफ नहीं होती है, लेकिन इन दिनों शहर में पड़ रही तेज सर्दी में ज्यादा तकलीफ हो रही है। सर्दी आते ही मामला गंभीर हो जाता है। खुजली ज्यादा होने लगती है,कई बार तो खून तक आ जाता है। चर्मरोग विशेषज्ञ को बताया तो आवश्यक दवाई के साथ ही सर्दी से बचाव की सलाह दी गई है।

चर्म रोग विभाग में एक सप्ताह में इतने आए मरीज

तारीख मरीज

29 दिसंबर 180

30 दिसंबर 190

31 दिसंबर 40

1 जनवरी 119

2 जनवरी 193

3 जनवरी 186

4 जनवरी 165

टॉपिक एक्सपर्ट:-

सर्दी में गुनगुने पानी का उपयोग करें- जिले में सर्दी इन दिनों खूब पड़ रही है। इस मौसम में ठंडे पानी का उपयो करने से बचना चाहिए। विशेषकर महिलाओं को। बर्तन, एवं कपड़े धोने में गर्म पानी का उपयोग करना चाहिए। इस समय आउटडोर में मरीजों की संख्या पहले की अपेक्षा दो गुणा हो गई है। इस समय 50 फीसदी मरीज ठंडे पानी से होने वाली बीमारी से पीडि़त होकर आ रहे हैं। इससे बचने के लिए गर्म व गुनगुने पानी का अधिक उपयोग करना चाहिए।तेज सर्दी की वजह से कई मरीजों के हाथ-पैरों में ड्राई स्कीन हो रही है। हाथ-पैरों में सूजन व लाल निशान व घाव हो रहे हैं। तेज सर्दी में वेसलीन, दूध की मलाई या माश्चराईज क्रीम का उपयोग करें। सोराइयसिस के मरीज हाथ-पैरों में ऊनी दस्तानें पहने। ठंडे पानी का प्रयोग करने से बचे। सोराइयसिस सर्दी में बढ़ जाता है। घर में जिन लोगों को खुजली या स्कीन संबंधी कोई तकलीफ है उनके बिस्तर यूज नहीं करें। ताकि अन्य लोगों को वो तकलीफ नहीं हो। तेज सर्दी में किसी को ज्यादा परेशानी है तो निकट के चिकित्सालय में दिखाएं।

डॉ.अतुल विजय,विभागाध्यक्ष चर्मरोग विभाग एवं प्रोफेसर मेडिकल कॉलेज,झालावाड़।