झालावाड़. केन्द्र सरकार के ‘जल शक्ति अभियानÓ के तहत जिले में भी जल संरक्षण के लिए काम होगा। सरकार ने भविष्य में जल संकट की संभावित स्थिति को देखते हुए एक्शन प्लान बना लिया है। देश में गहराते जल संकट( Water Crisis ) के निवारण के लिए भारत सरकार की पहल पर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों,जन प्रतिनिधियों,स्वंयसेवी संगठनों की व्यापक एवं सक्रिय भागीदारी से ‘जल शक्ति अभियानÓ के तहत जिले के भूजल स्तर में कमी वाले पांच ब्लॉक का चयन किया गया है। इनमें अब भू जल रिचार्ज के लिए काम किया जाएगा।
अभियान के तहत यह होंगे कार्य-
जानकारों ने बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन,परम्परागत एवं अन्य जलाशयों का जीर्णोंद्वार, बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर्स का रियूज,जलग्रहण क्षेत्र विकास, सघन वृक्षारोपण के कार्य बड़े पैमाने पर किए जाएंगे। इसके साथ ही अभियान के तहत ब्लॉक एवं जिला जल संरक्षण योजना का निर्माण किया जाएगा, जिसे जिला सिंचाई योजना के साथ समन्वित किया जाएगा। इसके साथ-साथ सिंचाई में निपुण जल उपयोग एवं जल उपलब्धता के अनुसार उपयुक्त फसल के चयन को प्रोत्साहित किया जाएगा एवं कृषि एवं उद्यानिकी उद्देश्यों के लिए शहरी अपशिष्ट जल का पुनर्उपयोग करने का भी प्रयास किया जाएगा।
pm modi news ,अभियान में ‘ग्राम स्वराज अभियानÓ की तर्ज पर होगा काम-
यह अभियान ग्राम स्वराज अभियान की तर्ज पर ही होगा जिसमें केंद्रीय अधिकारी योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। ‘जल शक्ति अभियानÓ Jal Shakti Abhiyan1 जुलाई से 15 सिंतबर तक चलेगा। इसमें मानसून के दौरान वर्षा के जल संचयन पर फोकस होगा। अभियान के तहत गंभीर रूप से जल स्तर की कमी वाले 313 ब्लॉक इसमें शामिल किए जाएंगे। इसमें 1186 ब्लॉक ऐसे हैं जहां भूजल का बहुत अधिक दोहन हुआ है। जबकि 94 जिले ऐसे हैं जहां भूजल स्तर की उपलब्धता कम है। जल शक्ति अभियान का लक्ष्य वर्षा के जल संचयन व संरक्षण को बढ़ावा देना है।
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जिले में इन ब्लॉक में चलेगा अभियान-
झालावाड़ जिले में आठ में से पांच ब्लॉक में अभियान एक जुलाई से शुरु किया जाएगा। जिले में भूजल दोहन वाले ब्लॉक खानपुर, बकानी, झालरापाटन, पिड़ावा, मनोहरथाना में अभियान के तहत काम होगा।
मोबाइल एप से होगी मॉनिटरिंग-
जल शक्ति और ग्रामीण विकास मंत्रालय मिलकर इंटीग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट कार्यक्र संचालित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों को मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये रियल टाइम मॉनिटर की जाएगी। अभियान के तहत ब्लॉक और जिला स्तर पर पहले से बने वाटर संरचनाए कैसे ही ठीक है या मरम्मत योग्य है, नई बनाई जानी है आदि की पहचान कर जल संरक्षण योजना का मसौदा तैयार किया जाएगा। इसके बाद इस दिशा में कार्य किया जाएगा। वहीं कृषि विज्ञान केन्द्र झालावाड़ को बेहतर फसलों का चुनाव करने और सिंचाई के लिए जल का बेहतर तरीके से प्रयोग करने के लिए मेले का आयोजन कर किसानों को जागरुक करना होगा।
जिला स्तर पर बनाई समिति-
अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार ने प्रत्येक जिले के लिए एक अतिरिक्त सचिव एवं संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को केन्द्रीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिलों के मामले में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी व जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग को जल शक्ति अभियान के लिए नोडल अधिकारी बनाया है। इसके साथ ही अभियान के कोर ग्रुप में सभी विभागों के विभागाध्यक्षों, स्वायत्तशासी निकायों, जल प्रबन्धन एवं संरक्षण से सम्बधित विभागों के प्रतिनिधियों को जिला स्तर पर गठित किए गए कोर ग्रुप में शामिल किया गया है।
बैठक में दी जानकारी-
जल शक्ति अभियान के कोर ग्रुप की बैठक अभियान के अध्यक्ष जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय में सोमवार 4 बजे जिला स्तरीय बैठक हुई। जिसमें जन प्रतिनिधि,जिला स्तरीय अधिकारी, स्वंयसेवी संगठन, महाविद्यालयों के प्राचार्यों, सामाजिक कार्यकर्ता, नेहरू युवा केन्द्र से सम्बधित युवा संगठन तथा एनसीसी, एनएसएसए स्काउट एवं गाईड से जुड़े विद्यार्थियों आदि को आमंत्रित कर अभियान की जानकारी दी गई।
पांच ब्लॉक का किया चयन-
जिले में केन्द्र सरकार के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जल शक्ति अभियान के तहत 5 ब्लॉक का चयन किया गया है। जिनमें जल संरचनाओं का चयन करना है जिसमेें कितनी सही है, कितनी में काम होना, नई कहां-कहां बनाई जा सकती है।
जीतमल नागर, अधीक्षक, अभियंता, वाटरशेड, झालावाड़।
रिपोर्ट -हरिसिंह गुर्जर