
जोधपुर।
चौपासनी बाइपास स्थित वीतराग सिटी में हिस्ट्रीशीटर राकेश मांजू की हत्या के लिए (Murder planning of Rakesh Manju in Jodhpur) विरोधी गैंग विक्रमसिंह नांदिया के 4 शूटरों ने ग्यारह गोलियां चलाईं (11 bullets fired for murder of Rakesh Manju in Jodhpur) थी। गत एक फरवरी को चार हथियारों से लैस शूटरों ने पहले कॉलोनी की अण्डरग्राउण्ड पार्किंग में तीन गोलियां चलाईं थी, लेकिन राकेश मांजू बच गया था। वह जान बचाने के लिए पार्किंग से बाहर निकलकर पैदल ही मुख्य गेट की तरफ भागा था, लेकिन मुख्य गेट के बाहर खड़े गार्ड जनकराजसिंह ने टांग अड़ाकर राकेश मांजू को गिरा दिया था। तभी कार से शूटर वहां पहुंच गए थे व हिस्ट्रीशीटर राकेश मांजू को घेरकर दो-चार फुट की दूरी से आठ गोलियां और चला दी थीं। मांजू के तीन-चार गोली लगी थी। मथुरादास माथुर अस्पताल में ऑपरेशन व उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर है। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए हैं।
बोरानाडा थानाधिकारी किशनलाल ने बताया कि प्रकरण में आरोपी बागोरिया गांव निवासी रधुवीरसिंह और दयालराम रिमाण्ड पर हैं। इनके साथ पुलिस ने मंगलवार को कॉलोनी के पीछे उस फ्लैट की तस्दीक की, जो किराए पर लेकर राकेश मांजू की हत्या के लिए रैकी करने में प्रयुक्त लिया गया था।
मुख्य साजिशकर्ता विक्रमसिंह नांदिया, बजरंगसिंह और अन्य अभी तक पकड़े नहीं जा सके हैं। इनकी तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।
कॉलोनी में ही दो बार पूर्व भी कर चुके थे हत्या की कोशिश
आरोपियों से पूछताछ व पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रमसिंह नांदिया अपने ऊपर फायरिंग का बदला लेने के लिए दो महीने से राकेश मांजू की हत्या की फिराक में था। वीतराग सिटी में दो बार राकेश पर फायरिंग की कोशिश की गई थी, लेकिन एक बार कुछ सफाईकर्मी बीच में आ गए थे। वहीं दूसरी बार, कॉलोनी के बच्चों की वजह से शूटर फायर नहीं कर पाए थे।