
जोधपुर.
चामूं थानान्तर्गत गोदेलाई गांव में रास्ता बंद करने को लेकर पारिवारिक विवाद में एक पक्ष के ग्रामीण पुलिस पर हमले के बाद शनिवार मध्यरात्रि इस कदर हावी हो गए थे कि पुलिस को हालात काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चामूं थानाधिकारी ओमप्रकाश को घेराबंदी कर बंधक बनाने और हेड कांस्टेबल देवीसिंह का हाथ फ्रैक्चर होने के बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई थी। आस-पास के थानों की पुलिस भी मौके पर बुला ली गई थी, लेकिन हमलावर काबू नहीं हो सके। ऐसे में तीसरी बार पुलिस और आरएसी का जाब्ता भेजा गया। आरोपियों को छुड़ाने के लिए पुलिस पर बोलेरो पिकअप चढ़ाने का प्रयास किया गया तो आखिरकार पुलिस को 15 राउण्ड फायर कर हालात नियंत्रण में करने पड़े। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्रसिंह यादव भी आधी रात वारदात स्थल पहुंचे।
हमलावरों को पकड़ने के लिए रातभर छापेमारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत व जयदेव सिहाग, वृत्ताधिकारी बालेसर कैलाश कंवर, मदनलाल रॉयल और नगेन्द्र टोगस के साथ जिले के पांच थानाधिकारियों को भी आधी रात वारदातस्थल बुला लिया गया। हमलावरों को पकड़ने के लिए तड़के छह-सात बजे तक छापेमारी की गई। इससे एकबारगी गांव में हड़कम्प मच गया। कांस्टेबल खींयाराम ने आक्रोशित ग्रामीणों को हटाने मुख्य भूमिका निभाई।
पांच महिलाएं व आठ पुरुष गिरफ्तार
पुलिस ने खुद की तरफ से जानलेवा हमला, राजकार्य में बाधा डालने और धक्का मुक्की करने का मामला दर्ज किया। वहीं, पीडि़त पक्ष ने भी हरजीराम व अन्य के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने गोदेलाई निवासी माडू देवी पत्नी चैनाराम जाट, पारू पत्नी हरजीराम जाट, हुकादेवी पत्नी अचलाराम, पूरादेवीप त्नी गोरखाराम जाट, लाछादेवी पत्नी हीराराम जाट, हरजीराम पुत्र गंगाराम जाट, चैनाराम पुत्र गंगाराम जाट, भोजाराम पुत्र भूराराम जाट, जेठाराम पुत्र गुणेशाराम, थानाराम पुत्र गंगाराम, रूघाराम पुत्र आदूराम और देवाणियां निवासी भोजाराम पुत्र प्रेमाराम जाट को गिरफ्तार किया गया।