
जोधपुर. संभाग के सबसे बड़े राजकीय मथुरादास माथुर अस्पताल के जनाना विंग में बीती रात दो बजे करीब बच्चों के आईसीयू में उपकरण सफाई में काम लिए जाने वाले केमिकल फॉरमिलीन की शीशी फर्श पर गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इससे केमिकल फर्श पर फैल गया। बदबू फैलने पर आईसीयू में भर्ती बच्चों को पास के ही अन्य आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इसी दौरान पहले से ही ब्रेनडेड हो चुके बच्चे सुन्दर की डेथ हो जाने से हंगामा मच गया। इस बारे में अस्पताल के अधीक्षक डॉ आसेरी ने प्रशासन की ओर से सफाई देते हुए बताया कि बच्चे की मृत्यु पहले ही हो गई थी।
वहीं परिजन का आरोप है कि जब शीशी गिरी, तब ही उस बच्चे की मृत्यु हो गई। अस्पताल कर्मियों ने जब बच्चों को अन्य वार्ड में शिफ्ट कर रहे थे। तब एक बच्चे का ऑक्सीजन किट हट गया। इससे उसकी सांस चली गई। जबकि अस्पताल अधीक्षक डॉ एमके आसेरी का कहना है कि वार्ड शिफ्टिंग की वजह से सुन्दर की मृत्यु नहीं हुई है। बालक सुन्दर पहले से ही ब्रेनडेड हो चुका था। उसे दो बार पहले ही सीपीआर दी जा चुकी थी। उसकी मृत्यु सामान्य रूप से हुई है। आईसीयू में गिरी लिक्विड की शीशी के कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई। आसेरी ने कहा कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी कि शीशी गिरने की लापरवाही क्यों हुई और परिजन का जो आरोप है, उसकी भी जांच करवाई जाएगी।