14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर

ड्यूटी पर तस्करों से सम्पर्क, छुट्टी पर गांव आता तो लाने लगा था अफीम

- साइड बिजनेस के लालच में सीआरपीएफ जवान भी तस्करी में फंसा, पिछले सप्ताह ही लाया था डेढ़ किलो अफीम का दूध

Google source verification

जोधपुर.
कापरड़ा में बोयल चौराहे के पास अफीम के 3.8 किलो दूध के साथ गिरफ्त में आने वाला जेल प्रहरी रामनिवास बिश्नोई और सीआरपीएफ जवान विक्रम बिश्नोई से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जाजीवाल बिश्नोइयान निवासी जेल प्रहरी रामनिवास बिश्नोई वर्ष 2013 बैच का भर्ती है। उसकी अधिकांश ड्यूटी भीलवाड़ा जिले में रही है। वह पहले भीलवाड़ा की शाहपुरा और फिर माण्डलगढ़ जेल में पदस्थापित रह चुका है। इस दौरान उसका स्थानीय तस्करों से सम्पर्क हुआ था। उनसे घनिष्ठता बढ़ने के बाद जेल प्रहरी ने भी तस्करी शुरू कर दी थी। ड्यूटी से अवकाश पर गांव लौटते समय वह अफीम का दूध लेकर जाता था और स्थानीय तस्करों को बेच देता था। गत 30 मार्च की रात कापरड़ा थाना पुलिस की गिरफ्त में आने पर पूछताछ में उसने पिछले लम्बे समय से तस्करी में लिप्त होने की जानकारी दी।
रुपए कमाने के लालच में सीआरपीएफ जवान भी फंसा
जेल प्रहरी रामनिवास व सीआरपीएफ जवान विक्रम रिश्ते में भाई हैं। रामनिवास को रुपए कमाते देख विक्रम के मन में भी लालच आ गया था। उसने नौकरी के साथ-साथ साइड बिजनेस करने की इच्छा जताई थी। तब रामनिवास ने उसे चित्तौड़गढ़ के कुछ अफीम के दूध सप्लायरों से सम्पर्क कराया था। फौजी ने स्वीकार किया है कि वह पांच-सात दिन पहले भी अफीम का डेढ़ किलो दूध ला चुका है। इस बार दोनों ने एक साथ अफीम का दूध लाने की साजिश रची थी, लेकिन रास्ते में पकड़े गए। दोनों नागौर जिले में पांचौड़ी गांव निवासी रामनारायण को अफीम बेचने वाले थे।
पुलिस मुख्य सप्लायरों के ठिकानों पर पहुंची, दोनों भूमिगत
कापरड़ा थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने गत 30 मार्च को बोयल चौराहे के पास जाजीवाल बिश्नोइयान निवासी रामनिवास बिश्नोई और विक्रम बिश्नोई को गिरफ्तार कर अफीम का 3.80 किलो दूध जब्त किया था। पूछताछ में दोनों ने यह अफीम चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं से लेकर आना बताया था। बेगूं में गणेशपुरा निवासी बालकिशन धाकड़ व अमलखेड़ा निवासी दिनेश धाकड़ ने अफीम का दूध बेचा था। जांच कर रहे बिलाड़ा थानाधिकारी मूल सिंह दोनों आरोपियों को लेकर बेगूं पहुंचे, जहां मौका मुआयना किया। दोनों आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे गए, लेकिन दोनों भूमिगत होने से पकड़ में नहीं आए।
जेल प्रहरी निलम्बित, जांच के आदेश
उप महानिरीक्षक जेल उदयपुर ने एक आदेश जारी कर अजमेर के घूघरा घाटी की हाई सिक्योरिटी जेल में पदस्थापित जेल प्रहरी रामनिवास बिश्नोई को निलम्बित कर दिया। साथ ही जांच के आदेश दिए गए हैं। हाई सिक्योरिटी जेल के प्रभारी व उपाधीक्षक पारस जांगिड का कहना है कि रामनिवास 26 फरवरी को ही यहां ट्रांसफर होकर आया था।
——————————————–
पहले भी तस्करी में लिप्त की जांच की जा रही है…
‘जेल प्रहरी व सीआरपीएफ जवान से पूछताछ की जा रही है। अफीम का दूध सप्लाई करने वालों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों आरोपियों के पूर्व में भी मादक पदार्थ लेकर आने की आशंका है। जांच की जा रही है।’
धर्मेन्द्रसिंह यादव, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जोधपुर।