जोधपुर।
जिले के लोहावट थानान्तर्गत (Police station Lohawat) पीलवा गांव (Peelwa) में बिश्नोइयों की ढाणियां में कृषक शंकरलाल बिश्नोई (35) ने शुक्रवार अल-सुबह पांच बजे अपनी पत्नी को छोड़ वृद्ध पिता सोनाराम (60), मां चंपादेवी (55), पुत्र लक्ष्मण (12) व दिनेश (9) की हत्या कर दी। (Farmer sucide after murdered mother-father & two sons) मां व दोनों बेटों के शव घर के टांके में डाल दिए और फिर पानी से भरी डिग्गी में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का ठोस कारण पता नहीं लग पाया है, लेकिन पुलिस का मानना है कि पत्नी से घरेलू विवाद के चलते किसान ने वारदात को अंजाम दिया है। (Farmer searched posion and trick of murder on Google)
पहले माता-पिता व बड़े बेटे, फिर छोटे बेटे की हत्या
सोनाराम गुुरुवार रात खेत के मुख्य गेट के पास चारपाई पर सोए थे। पत्नी चंपादेवी व बड़ा पोता लक्ष्मण भी बाहर सो रहे थे। सुबह करीब साढ़े चार-पांच बजे बड़े बेटे शंकर ने चारपाई पर सोए पिता पर कुल्हाड़ी से वार किए। फिर मां व बड़े बेटे पर भी कुल्हाड़ी मार दी। वह कमरे में गया, जहां मां के पास सो रहे छोटे पुत्र दिनेश को लघुशंका करवाने के बहाने बाहर लाया और उस पर भी धारदार हथियार से वार कर दिया। पिता के अलावा मां व दोनों बेटों को घर के टांके में डाल दिया।
खेत की रखवाली करते चाचा आए तो डिग्गी में कूदा
माता-पिता व दोनों बेटों की हत्या के बाद शंकर दो सौ मीटर दूर पानी से भरी डिग्गी के किनारे पर जाकर बैठ गया। पड़ोस में रहने वाले चाचा अपने खेत की रखवाली करते हुए वहां आए। चाचा के हाथ में टॉर्च की रोशनी देख शंकर ने डिग्गी में छलांग लगा दी। डिग्गी में किसी के डूबने की आशंका पर चाचा पास गए तो उन्हें शंकर के होने का पता लगा। वो चिल्लाए तो पत्नी व आस-पास के ग्रामीण वहां आए। शंकर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पिता चारपाई पर खून से लथपथ मिले, बेटे व मां टांके में
उधर, खेत के मुख्य गेट के पास चारपाई पर पिता सोनाराम का खून से लथपथ शव नजर आया। घर में अन्य जगहों पर भी खून के निशान मिले। जो टांके की तरफ जा रहे थे। टांके का ढक्कन हटाया तो ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसमें शंकर की मां चंपादेवी व दोनों बेटों के शव नजर आ गए।
पत्नी से था विवाद व अनबन
एएसपी कैलाशदान जुगतावत व सुनील पंवार सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।एएसपी जुगतावत का कहना है कि हत्या व आत्महत्या का स्पष्ट कारण पता नहीं लग पाया है। आर्थिक तंगी भी नहीं है। शंकर व पत्नी के बीच घरेलू विवाद और अनबन रहती थी। शंकर की पत्नी घर का हिसाब संभालती थी। इसको लेकर दोनों में विवाद था।
हत्या का मामला दर्ज, बोर्ड से पोस्टमार्टम
पुलिस ने एफएसएल बुलाकर वारदातस्थल से साक्ष्य एकत्रित करवाए। मृतक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। फिर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपे गए।
नींद की गोलियां देकर सुलाया
मृतक के मकान की तलाशी लेने पर नींद की कुछ गोलियों के पत्ते मिले हैं। परिजन से बातचीत में सामने आया कि मृतक शंकर कुछ दिन से खेती के कामकाज से थकान मिटाने व ताकत लाने के बहाने शिकंजी में नींद की गोलियां मिलाकर घरवालों को दे रहा था। उसने गुरुवार रात भी न सिर्फ अपने परिवार बल्कि साथ में रहने वाले छोटे भाई, उसकी पत्नी व दोनों बच्चों को भी शिकंजी में नींद की गोलियां दी थी। भाई के कमरे को सांकल से बाहर से बंद कर दिया गया था।