राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय पूंजला : छह माह पहले शुरू हुई उपचार सेवा के प्रति लोगों का बढ़ा रुझान
जोधपुर. कोविड काल के बाद लोगों का आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति रुझान बढ़ा है। राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय पूंजला में छह माह पहले शुरू की गई मर्म चिकित्सा से 1700 लोगों को दर्द से छुटकारा दिलवाया जा चुका है। अब यहां दर्द निवारण के लिए राज्य से बाहर के मरीज भी आने लगे हैं।
ऐसे होता है उपचार
मर्म चिकित्सा एक आयुर्वेदिक थैरेपी है। शरीर के दो टिश्यु जहां एक साथ जुड़ते हैं, वहां इस थैरेपी का प्रयोग किया जाता है। मांसपेशी, हड्डी, नाड़ी आदि पाॅइंट मर्म थैरेपी में ध्यान में रखे जाते हैं। इस थैरेपी में शरीर में 107 पॉइंट का प्रयोग होता है। इसमें शरीर के पॉइंट्स पर हल्की उत्तेजना की जाती है। ऐसा करने पर ब्लॉकेज खुलते हैं। इससे शारीरिक व मानसिक रूप से आराम मिलता है। यह एक शक्तिशाली प्रक्रिया है, जो कई रोगों से मुक्ति में बहुत ही लाभदायक है।
मर्म चिकित्सा
– पुराने दर्द से मुक्ति।
– इम्युनिटी को मजबूती।
– त्वचा को हेल्दी बनाती।
– विशेषकर कमर दर्द में बहुत उपयोगी।
– कंधों के दर्द से भी छुटकारा।
एक्सपर्ट ऑपिनियन
पंचकर्म, अग्निकर्म, जलौकावचरण (लीच थैरेपी ) तथा मर्म चिकित्सा सेवा यहां छह माह पहले ही शुरू की गई थी। कोविड काल के बाद लोगों का आयुर्वेद के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है।मर्म चिकित्सा के लिए यहां राज्य से बाहर के लोग भी आ रहे हैं। बिना दवा के दर्द निवारण का यह अचूक उपाय लोगों को रास आ रहा है।
– डाॅ.कृष्ण गोपाल शर्मा, आयुर्वेद चिकित्साधिकारी