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IIT Jodhpur: कार खरीदना, शादी करना और घर बनाना ही नहीं सिखाती आइआइटी

jodhpur news iit jodhpur news - आइआइटी के दीक्षांत समारोह में वैज्ञानिक डॉ रॉय ने डिग्री लेने वाले 224 छात्र छात्राओं को दी सीख - उच्च शिक्षा के नाम पर विदेश जाकर बसने वाले विद्यार्थी परिवार व देश के साथ कर रहे हैं धोखा

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जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर के पांचवें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को 224 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गई। समारोह का दीक्षांत भाषण इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के वैज्ञानिक शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार विजेता आइआइटी दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर एससी दत्ता रॉय ने दिया। उन्होंने दीक्षांत होने वाले छात्र-छात्राओं से कहा कि आइआइटी की शिक्षा केवल कार खरीदना, शादी करना और घर बनाना नहीं है। वर्तमान में छात्र उच्च शिक्षा अध्ययन के नाम पर विदेश जाकर बस जाते हैं। वे परिवार के साथ देश को धोखा दे रहे हैं। विदेश जाने वाले छात्र सोचते हैं कि वे उच्च अध्ययन करके वापस भारत आ जाएंगे लेकिन विदेशों में मिलने वाली सुविधाएं और आरामदायक जिंदगी को देखकर वे वापस नहीं लौटते हैं और भारत को कोसते रहते हैं। रॉय ने यहां तक कहा कि आइआइटी में प्रेसीडेंशियल मेडल हासिल करने वाले छात्र भी यही रास्ता अपनाते हैं जबकि भारत में ऐसे कई संस्थान हैं जहां उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है।

‘आइआइटी के बाद भविष्य’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं खुद आइआइटी में पढ़ाने का जॉब कर सकते हैं जहां अच्छी सैलरी भी मिलती है। साथ ही वे रिसर्च भी कर सकते हैं उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि आइआइटी में 3 महीने की पैड लीव मिलती है जो और कहीं नहीं मिलती। सैलरीड जॉब करने वाले छात्रों के लिए दत्ता ने कहा कि वहां जिंदगी खत्म हो जाती है। आइटी सेक्टर में काम करने वाले छात्र दिन और रात केवल कोडिंग-डिकोडिंग करते रहते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपनी चेतना से भविष्य का रास्ता स्वयं तय करने और उच्च अध्ययन करने की सीख दी। इसके लिए उन्होंने प्यार और मुस्कान दो मंत्र भी बताए। दीक्षांत समारोह में डिग्री लेने मंच पर आने वाले कुछ विद्यार्थियों के चेहरे मुरझाए देखकर उन्होंने निराशा भी प्रकट की।


आइआइटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक डॉ आर. चिदंबरम ने अपने उद्बोधन में विज्ञान के लिए नीति और नीति के लिए विज्ञान में अंतर करने के लिए कहा। उन्होंने भविष्य को ज्ञान का क्षेत्र बताया। इससे पहले आइआइटी के निदेशक प्रोफेसर शांतनु चौधरी ने अपना प्रतिवेदन पढ़ा।

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इनको मिला मेडल

प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल- दिव्यांश अग्रवाल
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स चेयरमैन गोल्ड मेडल- विशेष मिस्त्री
सिल्वर मेडल- दिव्यांश अग्रवाल (बीटेक कम्प्यूटर साइंस)
सिल्वर मेडल-श्रेयांश मलिकार्जुन पाटिल (बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग )
सिल्वर मेडल- आयुष उपाध्याय (बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग )
जगदीश चंद्र बोस गोल्ड मेडल-श्वेता एस.
परफेक्ट 10 गोल्ड मेडल-श्वेता एस.
परफेक्ट 10 गोल्ड मेडल- शुभम त्यागी
सिल्वर मेडल-पूजा शर्मा (एमएससी कैमस्ट्री)
सिल्वर मेडल- पिंटू कुमार (एमएससी मैथ्स )
सिल्वर मेडल- शुभम त्यागी (एमएससी फिजिक्स)
सी वी रमन गोल्ड मेडल- ओमप्रकाश महेला


9 में से 5 उपस्थित
आइआइटी जोधपुर के 2019 बैच के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को 12 मैडल दिए गए जो नौ विद्यार्थियों को मिले। इसमें से 5 विद्यार्थी ही मेडल लेने के लिए समारोह में पहुंचे। चार विद्यार्थी अनुपस्थित थे।


224 विद्यार्थी को मिली डिग्री
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2019 बैच के 224 विद्यार्थियों को डिग्रियां मिली। इसमें 121 बीटैक विद्यार्थी, 45 एमएससी विद्यार्थी, 30 एमटैक विद्यार्थी और 28 शोधार्थी शामिल है।