25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर

IPL : सीबीआइ (CBI) की दबिश देने पहुंची तो मिला कच्चा मकान व झोंपड़ी

- आइपीएल मैचों में पाकिस्तान से सट्टेबाजी का मामला (Cricket betting in IPL)- जयपुर में सीबीआइ (CBI) पूछताछ में डेरिया के युवक ने कहा, भाई व दो रिश्तेदारों ने दुबई से भेजे थे रुपए

Google source verification

जोधपुर।
आइपीएल-2019 के मैचों में पाकिस्तान से सट्टेबाजी के मामले (Cricket betting in IPL from Pakistan) में सीबीआइ (CBI) ने जोधपुर जिले की शेरगढ़ (Shergarh) तहसील के डेरिया गांव (Deriya village in Shergarh) के जिस युवक को आरोपी बनाया है उसके पास रहने के लिए पक्का मकान तक नहीं है। सीबीआइ दिल्ली की आठ-दस सदस्यों की टीम शनिवार को डेरिया गांव में सज्जनसिंह पुत्र दीपसिंह के मकान में दबिश देने पहुंची तो एकबारगी ठिठक गई। मकान के अहाते में कच्ची साल और एक झोंपड़ी बनी हुई थी। (CBI found a hut in raids) जिसमें दो भाइयों के संयुक्त परिवार रहते मिले। तलाशी के दौरान झोंपड़ी से एसबीआइ की पास बुक व किसान क्रेडिट कार्ड जब्त किया गया है।
सज्जन सिंह जयपुर में आमेर रोड पर एक होटल में 22 साल से काम कर रहा है। ऐसे में वह घर पर नहीं मिला था। सीबीआइ जयपुर की एक अन्य टीम सज्जनसिंह के होटल पहुंची और जयपुर के सीबीआइ ऑफिस ले गई, जहां पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। जांच के लिए मोबाइल जब्त किया गया।
सज्जनसिंह का कहना है कि उसका एक भाई, ***** व साढ़ू दुबई में अलग-अलग अस्तबल में काम करते हैं। बदले में जो मजदूरी मिलती थी तीनों जने सज्जनसिंह के बैंक खातों में जमा करा देते थे। जो सज्जनसिंह उनके घरवालाें को दे देता था। सज्जनसिंह का कहना है कि दस साल में 33.23 लाख रुपए बैंक खातों में जमा हुए हैं वो रिश्तेदारों के साथ उसकी खुद की मजदूरी के हैं।भाई ने मकान बनाने के लिए भी कुछ रुपए भेजे थे। भाई व दोनों रिश्तेदार छुट्टी पर आए हुए हैं।
पाकिस्तान से कॉल आने काा आरोप
पूछताछ के दौरान सीबीआइ (CBI) ने सज्जनसिंह से कहा कि उसके मोबाइल में 1 अप्रेल को पाकिस्तान से कॉल (Call from pakistan) आया था। इस संबंध में सज्जनसिंह ने अनभिज्ञता जताई।उसका कहना है कि यदि किसी अनजान नम्बर से कॉल आया होगा तो उसकी बात नहीं हुई।
आवश्यकता होने पर दिल्ली पेश होने की हिदायत
जयपुर में सीबीआइ ने सज्जनसिंह से पूछताछ की। इस दौरान जांच के लिए उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया। सीबीआइ ने आवश्यकता होने पर दिल्ली कार्यालय में पेश होने की हिदायत देकर सज्जनसिंह को छोड़ दिया।