जोधपुर. मारवाड़ में सुखद वर्षा के लिए रविवार शाम को मंडोर क्षेत्र की महिलाओं की ओर से अनूठे टोटके ‘मेहजाल’ का आयोजन किया गया। क्षेत्र की महिलाएं ढोल ढमाकों के बीच सिर पर मिट्टी के पात्र लिए नृत्य व मंगल गीत गाते हुए मंडोर के भियाली बेरा क्षेत्र से रवाना होकर जुलूस के रूप में मंडोर उद्यान स्थित काला-गोरा भैरू जी मंदिर पहुंची। इन्द्रदेव ने भी क्षेत्र की महिलाओं का हल्की बूंदाबांदी से स्वागत किया। मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के बाद इन्द्रदेव से सामूहिक रूप से जोधपुर सहित समूचे मारवाड़ में सुखद वर्षा के लिए प्रार्थना की गई। कार्यक्रम संयोजक रूपादेवी गहलोत ने बताया कि मारवाड़ में सुखद वर्षा में विलंब होने पर ‘मेहजाल’ की परम्परा लंबे अरसे से चली आ रही है। क्षेत्र के बुजुर्गों की ऐसी मान्यता है कि इससे इन्द्रदेव प्रसन्न होते हैं।