जोधपुर . सोशल मीडिया पर चल रहे मंगलवार को भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। हालांकि किसी भी संगठन की ओर से इसका समर्थन नहीं करने और शामिल नहीं होने के चलते शहर में शांतिपूर्ण माहौल देखने को मिला। यहां पहले बाजार आदि प्रतिष्ठान बंद रहे लेकिन धीरे-धीरे फिर सभी दुकानें खुलने लगीं। वहीं स्कूलों व अस्पतालों में भी रोजमर्रा के कार्य हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन जरूर शांति व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं भारत बंद की खबरों को जोधपुर पुलिस ने महज अफवाह बताया है। पुलिस आयुक्त अशोक राठौड़ ने बयान जारी कर बंद में किसी भी संगठन के शामिल नहीं होने की जानकारी दी है।
बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर 10 अप्रेल को भारत बंद की खबरें चल रही हैं। जोधपुर पुलिस उपायुक्तों ने इसको लेकर सभी व्यापारिक, राजनीतिक व अन्य संगठनों से संपर्क किया, तो किसी भी संगठन ने बंद को समर्थन देने की बात नहीं कही। नियमानुसार कोई संगठन बंद के समर्थन में रैली, जुलूस या प्रदर्शन करना चाहे तो पहले अनुमति लेनी होगी। पुलिस ने आमजन से बिना अनुमति की किसी भी रैली व जुलूस में शामिल नहीं होने की अपील है।
सोशल मीडिया पर वायरल
सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों की जांच को लेकर दिए गए गए आदेशों के बाद दलित संगठनों ने दो अप्रेल को भारत बंद कराया था। उस दौरान प्रदेश के कई जिलों में हिंसा हुई थी। उसके बाद से ही 10 अप्रेल को भारत बंद को लेकर सोशल मीडिया पर कैंपेन चल रहा है।
थानाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
सोशल मीडिया पर चल रही मंगलवार को प्रस्तावित भारत बंद की खबरों को जोधपुर पुलिस ने अफवाह बताया है। पुलिस आयुक्त अशोक राठौड़ ने बयान जारी कर बंद में किसी भी संगठन के शामिल नहीं होने की जानकारी दी है। इस बीच, सभी थानाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अफवाहों, घटनाक्रम पर नजर रखने व सतर्क रहने को कहा गया है। चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस तैनात रहेगी।