राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास व न्यायाधीश विनीत माथुर की खंडपीठ ने आसाराम के वकील से पुलिस थाना उदयमंदिर एसएचओ की ओर से कथित रूप से दुव्र्यवहार करने के मामले में पुलिस कमिश्नर को शनिवार तक शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया है। शपथ पत्र पेश नहीं करने पर खंडपीठ ने घटना वाले दिन धारा 144 नहीं लगी होना मान लेने के लिए कहा है। खंडपीठ ने यह आदेश संचिता उर्फ शिल्पी बनाम राजस्थान हाईकोर्ट मामले में आसाराम के अधिवक्ता की ओर से पेश आवेदन की सुनवाई पर दिया। मामले की सुनवाई में एएजी शिवकुमार व्यास ने खंडपीठ में पेश होकर पुलिस कमिश्नर की ओर से शपथ पत्र पेश किए जाने के मामले में समय देने की मांग की। कथित रूप से दुव्र्यवहार होने का आरोप लगाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा ने कहा कि सिर्फ धारा 144 लगने के बारे में जानकारी के लिए कोर्ट ने कितनी बार स्थगन दिया है, उन्हें जयपुर से बार-बार जोधपुर आना पड़ता है। इस पर एएजी व्यास ने कहा, जरूर पधारो नी सा, अठे तो घरे आयो मां जायो बराबर हुवे है। इस पर खंडपीठ ने भी अधिवक्ता सुराणा से कहा, धारा 144 की जानकारी के लिए एक बार मजिस्ट्रेट को बुलाया गया, दुबारा जिला कलक्टर को बुलाया गया, उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद यह शक्ति पुलिस कमिश्नर के पास है, इस पर अब पुलिस कमिश्नर से जवाब तलब किया गया है। अगले शनिवार तक शपथ पत्र पेश नहीं करते हैं तो मान लिया जाएगा कि घटना वाले रोज कोर्ट परिसर में धारा 144 नहीं लगी हुई थी।