जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान के हिस्से की बरसात पाकिस्तान के पंजाब व सिंध प्रांत में हो रही है। पश्चिमी राजस्थान के बॉर्डर तक मानसून आने से श्रीगंगागनर से जैसलमेर तक लगातार नमी आ रही है लेकिन नमी रोकने के लिए पश्चिमी राजस्थान पर कोई मौसमी तंत्र (कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवाती परिसंचारी तंत्र या ट्रफ) नहीं होने से आद्र्रता ऊपर से निकलकर पाकिस्तान पहुंच रही है। उत्तरी पाकिस्तान पर कम दबाव का क्षेत्र बना होने से वहां नमी युक्त हवा घूम रही है और कुछ जगह बरसात कर रही है। यही कारण है कि जोधपुर में 4 जुलाई को मानसून पहुंचने के एक सप्ताह बाद भी मानसून की पहली बरसात का इंतजार है।
हिमालय की तलहटी पर खिसका मानसूनी ट्रफ
मानसून का ट्रफ (मानसूनी कम दबाव का क्षेत्र) दिल्ली-पंजाब के ऊपरी हिस्से, उत्तराखण्ड, पूर्वी उत्तरप्रदेश, झारखण्ड व बिहार के पास पहाड़ों की तलहटी पर खिसक गया, जिससे वहां भारी बरसात हो रही है। बिहार व झारखण्ड के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से वहां भी भारी बरसात की चेतावनी है। ऐसे में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी हिमालय की तलहटी में बरसात कर रही है। वैसे हिमालय पूरे मानसून को रोककर बैठता है। अगर हिमालय की ऊंचाई इतनी अधिक नहीं होती तो मानूसनी हवा उसको पार करके चीन चली जाती और भारत का मध्य मैदान सूखा ही रहता।
मानसूनी ट्रफ के नीचे आने का इंतजार
वैज्ञानिकों को हवा की दिशा पूर्वी होने के साथ मानसूनी ट्रफ के नीचे मध्य भारत के मैदान में आने का इंतजार है। इसके बाद थार के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून पश्चिमी राजस्थान में आगे बढ़ेगा। मानसून की पश्चिमी सीमा बाड़मेर, जोधपुर, चूरू, सीकर व हरियाणा-पंजाब के कुछ हिस्से से गुजर रही है लेकिन यहां मौसमी सिस्टम नहीं होने से बरसात नहीं हो रही है।
क्या है मानसूनी ट्रफ
मानसूनी ट्रफ एक लंबाई के आकार में कम दबाव का क्षेत्र होता है, जिसके इर्द-गिर्द बरसात होती है। यह क्रमागत रूप से उत्तर-दक्षिण दिशा में शिफ्ट होता रहता है।
नमी रुक नहीं रही पश्चिमी राजस्थान में
‘मानसून की वजह से पश्चिमी राजस्थान में नमी तो आ रही है लेकिन वह हवा के साथ वह निकल जाती है जिससे बरसात नहीं हो रही है। फिलहाल थार के ऊपर सिस्टम के बनने का इंतजार है।
शिवगणेश, निदेशक, भारतीय मौसम विभाग जयपुर