जोधपुर।
बजरी रॉयल्टी ठेकेदार के एनजीटी आदेशों का उल्लंघन कर बजरी का भारी मात्रा में अवैध स्टॉक जब्त करने और कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल पर चल रहे बजरी डम्पर संचालकों ने जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर पड़ाव डाल दिया। संचालकों का आरोप है कि पिछले तीन माह में कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बजरी डम्पर संचालक अपराह्न में रातानाडा से पैदल रैली के रूप में रवाना हुए। हाथाें में बैनर तख्तियां लिए संचालक बजरी रॉयल्टी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। कलक्टर कार्यालय पहुंचने पर संचालकों ने नारेबाजी की। पुलिस ने प्रतिनिधि मण्डल के कलक्टर कार्यालय में जाकर ज्ञापन देने की बात रखी, लेकिन कलक्टर के कार्यालय में मौजूद न होने पर संचालकों ने ज्ञापन नहीं दिया। वे बाहर ही धरना देकर बैठ गए। जो देर रात तक जारी रहा। ऐहतियात के तौर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। रात को खनिज विभाग के अधिकारी धरना स्थल आए और वार्ता की, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
हजारों टन बजरी का अवैध स्टॉक होने का आरोप
बजरी डम्पर संचालकों का आरोप है कि एनजीटी के आदेश के तहत बजरी का स्टॉक नहीं किया जा सकता है, लेकिन रॉयल्टी ठेकेदार की ओर से बजरी का खनन कर स्टॉक किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह बजरी का हजारों टन स्टॉक हो रखा है। जिसे जब्त या नष्ट की जाए।
आरोप : फर्जी बन रहे ई-रवन्ना
संचालकों का आरोप है कि बजरी परिवहन करने के लिए ई-रवन्ना में भारी गड़बड़ी की जा रही है। बजरी डम्परों के नम्बर से फर्जी ई-रवन्ना जारी हो रहे हैं। डम्पर संचालकों को 19 से 22 टन बजरी के ई-रवन्ना दिए जा रहे हैं, लेकिन जबरदस्ती कई गुना अधिक बजरी भरी जा रही है।