कानपुर। आजाद नगर स्थित करीब सौ एकड़ में बनें चिड़ियाघर में शादी के बाद से ऐश्वर्या को उसके ससुरालवाले विदा कराने के लिए नहीं आए। वो मायके में पिछले कई माह से हाथ में मेहंदी लगाए हुए विरह की पीड़ा में झुलस रही है। अब प्राणि उद्यान वालों ने तय किया है कि अगर उसकी विदाई जल्दी नहीं होती है तो उसे एकाकी न छोड़ा जाए बल्कि मन बहलाने के लिये उसके बाड़े में नये मेहमान रख दिये जायें। ये किसी महिला के विरह की कहानी नहीं बल्कि, चिड़ियाघर स्थित ऐश्वया नाम की जेब्रा की है, जिसकी ससुराल गुजरात के जूनागढ़ में है।
एक्सचेंज के तहत जाना था जूनागढ़
चिड़ियाघर के दर्शकों को आजकल जेब्रा के बाड़े के पास से गुजरते समय फिजाओं में एक टीस सी महसूस हो रही है। यह टीस मादा जेब्रा ऐश्वर्या के दिल की है। दरअसल ऐश्वर्या का जीवन साथी गुजरात में है जिससे उसका रिश्ता सेण्ट्रल जू अथारिटी के एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत तय हुआ था। एक्सचेंज के तहत कानपुर चिड़ियाघर को गुजरात से लॉयन मिल चुके हैं लेकिन गुजरात वाले अभी तक ऐश्वर्या को दुल्हन बनाकर नहीं ले गये हैं और वो अपनी विदाई की घड़ी का इन्तजार में एक -एक दिन अकेलेपन के अहसास के साथ गुजार रही है।
छोड़ दिया था खाना-पानी
एश्वर्या जेब्रा बाड़े मे अकेले होने के चलते कुछ दिन पहले खाना-पीना छोड़ दिया था। डॉक्टरों ने इलाज के बाद उसे फिर से बाड़े पर रखा है, लेकिन अकेलापन के चलते वो ज्यादा चहल-कदमी नहीं करती। एश्वार्या के बाड़े में पहले एक जेब्रा था, जिसे लॉयन सफारी शिफ्ट कर दिया गया है। निदेशक कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि गुजरात के जूनागढ़ जू विभाग के अधिकारियों से बात की गई है। अभी एश्वर्या को ले जाने पर उन्होंने असमर्था जताई है। इसी के चलते अब इसके बाड़े में अन्य जेब्रा रखें जाएंगे।
अफ्रीका से आएंगा जेब्रा का जोड़ा
निदेशक कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि एक जेब्रा दम्पत्ति को ऐश्वर्या के बाड़े में साथ रखने की योजना बनायी है ताकि जेब्रा परिवार में बढोत्तरी हो और सभी का दिल बहल सके। बताया, उत्तर प्रदेश सरकार ने दक्षिण अफ्रीका से तीन जेब्रा जोड़े मंगाए हैं। कानपुर जू को एक जोड़ा जेब्रा मिलेगा। निदेशक ने बताया कि कुछ दिन के बाद यहां अफ्रीका से लाए गए जेब्रा दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। यहां पर डॉक्टर अफ्रीका प्रजाति के जेब्रा का बढ़ोतरी हो इसके लिए प्रजनन भी कराया जाएगा।
जिराफ की जगह जेब्रा
हालॉकि कानपुर के वन्य प्रेमियों की बहुत पुरानी मांग दक्षिण अफ्रीका से जिराफ की थी, लेकिन उसके विशालकाय शरीर के लिये बड़ा कण्टेनर मंगाना पड़ेगा जिसकी ढुलाई शिप से सम्भव होगी और इसका भाड़ा लगभग डेढ़ करोड रूपया पड़ेगा। फिलहाल कानपुर चिड़ियाघर इस भारी भरकम खर्च को उठाने की स्थिति में नहीं है इसलिये वो अफ्रीका से जेब्रा दम्पत्ति को ही ला पा रहा है जिसके लिये उसे कुल तैंतीस लाख खर्च करने पड़ेगें। निदेशक ने बताया कि फरवरी के आखरी सप्ताह तक अफ्रीका से जेब्रा कानपुर आ जाएंगे। जिन्हें दशकों के देखने के लिए बाड़े पर रखा जाएगा।