कानपुर देहात-जनपद कानपुर देहात की कोतवाली रसूलाबाद क्षेत्र के मौजमपुर गांव में उस समय हड़कम्प मच गया। जब एक नाबालिग ने अपने घर के अंदर खड़े एक कंजी के पेड़ से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली। ये घटना कोई नई नही है। दरसअल 8 दिनों पूर्व बकरी चराने गए एक लड़के के साथ कुकर्म के मामले में नाबालिग के ऊपर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की गई थी। परिजनों का आरोप है कि मुकदमा लिखवाकर जेल भिजवाने की धमकी दूसरा पक्ष लगातार दे रहा है। इसके चलते पुलिस के भय से उसने फांसी लगाकर जान दे दी। फिलहाल पुलिस शव को पीएम के लिए भेजकर जांच में जुट गई है।
मामला मौजमपुर गाँव का है, जहाँ रमन के बाबा घनश्याम सिंह ने रुंधे गले से बोलते हुए बताया कि पौत्र रमन सिंह पुत्र शेलेन्द्र सिंह को गांव के ही एक व्यक्ति ने 8 जून को एक फर्जी मुकदमा 77 कुकर्म का मुकदमा लिखवाया था, जो कि निराधार गलत था। जिसको लेकर मृतक रमन सिंह काफी भयभीत रहता था। उसने आज गांव के ही एक व्यक्ति को 500 रुपये उधार दिए थे। जिसको रुपये मांगने के लिए भेजा था। उसी समय रास्ते में मृतक रमन को विरोधियों ने रोककर उसको डराया धमकाया कि अभी तो तुम्हारे ऊपर दलित एक्ट ही लगवाया है। अब तुम्हारे परिवार के साथ तुमको भी जान से मार देंगे। इससे घबराकर उसने सारी बातें अपने बाबा व चाचा को बताईं। जिसको सुनकर उन्होंने रमन को समझाया बुझाया।
इसके बाद सभी लोग घर में आराम करने लगे। फिलहाल उन लोगों की धमकी रमन के लिए काल बन गई। जब सभी लोग सो गये तो रमन भी अपने चाचा के साथ लेट गया। चाचा के सोने के बाद रमन ने मवेशी बाड़ा में जाकर कंजी के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। काफी समय बाद लघुशंका के लिए जब चाचा उठे और उनकी निगाह भतीजे मृतक रमन पर पड़ी तो भागकर उसको देखा और उसको उतारा लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी। सूचना पाकर आनन फानन में सीओ राजाराम चौधरी अपने हमराहियों को लेकर घटनास्थल गांव मौजमपुर पहुँचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्ट के लिए भेज दिया। बताया गया कि मृतक रमन अपने दादी बाबा के पास यहीं गाँव मौजमपुर में रहता था। माता पिता दिल्ली में रहते हैं। फिलहाल पुलिस घटना में छानबीन कर रही है।