करौली. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति लोगों में खासा उत्साह नजर आया। इस दौरान जिलेभर में 20 हजार 351 प्रकरणों का राजीनामा के आधार पर निस्तारण कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ममता चौधरी ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश माधवी दिनकर के निर्देशन में जिले के समस्त न्यायिक न्यायालयों, समस्त राजस्व न्यायालयों, जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग व श्रम विभाग में सभी प्रकृति के लंबित व प्री-लीटिगेशन विवादों से संबंधित राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से किया गया। सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ममता चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट परवीन बानू तथा अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्षिता सूत्रकार ने मां सरस्वती के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरूआत की। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिले में कुल 8 बैंचों का गठन किया। इनमें करौली मुख्यालय पर 3 बैंच गठित की गई। करौली में बैंच संख्या 1 की अध्यक्ष परवीन बानू मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बैंच संख्या 2 की अध्यक्ष लक्षिता सूत्रकार अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, बैंच संख्या 3 की अध्यक्ष ममता चौधरी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रहीं। बैंच संख्या 1 में सदस्य पीयूष कुमार शर्मा अधिवक्ता व सुरेन्द्र चतुर्वेदी सदस्य जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग, बैंच संख्या 2 में सदस्य शफी अहमद खान अधिवक्ता तथा बैंच संख्या 3 में सदस्य बलवीर ङ्क्षसह राणा तहसीलदार करौली सदस्य रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले में न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों में से 4697 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 2644 प्रकरणों का निस्तारण कर 2 करोड़ 48 लाख 7 हजार 151 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं के प्री-लिटिगेशन के 28484 प्रकरण रखे गए जिनमें से 17707 प्रकरणों का निस्तारण कर 6 करोड़ 34 लाख 67 हजार 515 रुपए का अवार्ड पारित किया।
हिण्डौनसिटी. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को न्यायालय परिसर में प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत लगी। इस दौरान दो बैंचों में 989 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। प्रथम बैंच की अध्यक्षता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सं. 02 सुमरथ लाल मीना ने की, जबकि द्वितीय बैंच की अध्यक्षता सिविल न्यायाधीश संयोगिता गहलोत ने की। तालुका समिति के सविच छुट्टन लाल शर्मा ने बताया कि कुल 535 लंबित प्रकरण रखे गए, जिनमें से 284 का निस्तारण हुआ और लगभग 96 लाख 83 हजार रुपए का अवार्ड जारी किया गया। वहीं प्री-लिटिगेशन के 764 प्रकरणों का निस्तारण कर 72 लाख 78 हजार रुपए का अवार्ड दिया गया। इस प्रकार कुल 989 प्रकरणों का निस्तारण हुआ और एक करोड़ 69 लाख 62 हजार 350 रुपए का अवार्ड जारी किया गया। राजीनामा से निस्तारित मामलों में आपराधिक कम्पाउंडेबल, धारा 138 एनआई एक्ट, धन वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, बैंक, बीएसएनएल और बिजली विभाग से जुड़े प्रकरण शामिल रहे।
सपोटरा . जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करौली के आदेशों की पालना में शनिवार को सपोटरा में प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। लोक अदालत का आयोजन ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से किया गया। लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी सुमन मुण्डोतिया की अध्यक्षता में बेंच का गठन किया गया। बेंच में सदस्य के रूप में तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल और अधिवक्ता सुनील कुमार शर्मा शामिल रहे। इस दौरान न्यायालय के रीडर ओमीलाल मीणा, सहायक अभियोजन अधिकारी, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, अधिवक्तागण और पक्षकार उपस्थित रहे। लोक अदालत में कुल 334 प्रकरणों का राजीनामा के आधार पर निस्तारण किया गया। वहीं धन वसूली से जुड़े 313 प्रकरणों में 81 लाख 79 हजार 857 रुपए की राशि बैंकों, विद्युत विभाग और भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से वसूल की गई। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सपोटरा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया नारौली डांग, पंजाब नेशनल बैंक सपोटरा, पंजाब नेशनल बैंक अमरगढ़, पंजाब नेशनल बैंक कुडग़ांव, बैंक ऑफ बड़ौदा हाडौती, बैंक ऑफ बड़ौदा करणपुर और राजस्थान ग्रामीण बैंक सपोटरा व सलेमपुर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।