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दिखावा बनी अन्नपूर्णा रसोइयां, 9 रसोई में से 3 पर ताला अब 6 में ही मिल रहा खाना
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दिखावा बनी अन्नपूर्णा रसोइयां, 9 रसोई में से 3 पर ताला अब 6 में ही मिल रहा खाना

हिण्डौनसिटी. ग्रामीण क्षेत्र के बाद अब शहर में भी श्री अन्नपूर्णा रसोई सिमटने लगीं हैं। जरुरतमंद को आठ रुपए में पौष्टिक भरपेट भोजन देने वाली इन रसोइयों संख्या कम हो गई है। शहर में 6 स्थानों पर ही श्री अन्नपूर्णा रसोई संचालित हो रहीं हैं। जबकि तीन स्थानों पर संचालित होने वाली रसोइयां 8 माह से बंद है। गड़बड़ी के चलते ब्लैक लिस्ट हुई इन रसोइयों के स्थान पर दूसरी रसोइयां प्रारंभ नहीं हुई हैं। ऐसे में संबंधित क्षेत्र के जरुरतमंद लोगों को सस्ते भोजन के लिए शहर में दूरस्त रसोई में भोजन करने जाना पड़ता है।

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हिण्डौनसिटी. ग्रामीण क्षेत्र के बाद अब शहर में भी श्री अन्नपूर्णा रसोई सिमटने लगीं हैं। जरुरतमंद को आठ रुपए में पौष्टिक भरपेट भोजन देने वाली इन रसोइयों संख्या कम हो गई है। शहर में 6 स्थानों पर ही श्री अन्नपूर्णा रसोई संचालित हो रहीं हैं। जबकि तीन स्थानों पर संचालित होने वाली रसोइयां 8 माह से बंद है। गड़बड़ी के चलते ब्लैक लिस्ट हुई इन रसोइयों के स्थान पर दूसरी रसोइयां प्रारंभ नहीं हुई हैं। ऐसे में संबंधित क्षेत्र के जरुरतमंद लोगों को सस्ते भोजन के लिए शहर में दूरस्त रसोई में भोजन करने जाना पड़ता है। दरअसल गत सरकार ने गरीबों को महज आठ रुपए में भरपेट भोजन के लिए शुरू की इंदिरा रसोई योजना में अलग-अलग चरणों में शहर में 9 स्थानों को चिह्नित कर रसोइयां स्थापित की गई। बीते वर्ष भाजपा सरकार ने योजना का नाम श्री अन्नपूर्णा रसोई बदला और थाली के मीनू में नवाचार कर भोजन का वजन बढ़ाकर 600 ग्राम कर दिया। लेकिन सरकार से नियमित अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से रसोइयों का प्रारंभ से ही संचालन बजट गड़बड़ा हुआ है। इस बीच अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने रसोई संचालक एक संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया। इससे शहर की नई अनाज मंडी, गोपाल टाकीज व बाईपास चौराहे पर संचालित रसोइयां बंद हो गई। इनके स्थान पर अन्य संस्था से रसोइयां शुरू नहीं होने से क्षेत्र के जरुतमंद लोग 8 माह से श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के लाभ से वंचित हैं। दो रसोइयों के संचालक जयसिंह नाहरवाल ने बताया कि 8 माह से उसके अनुदान का भुगतान नहीं मिला है। करीब 8-10 लाख रुपए बकाया होने से तंगहाली झेलनी पड़ रही है। वहीं जिला चिकित्सालय के पास आश्रय स्थल में संचालित अन्नपूर्णा रसोई के कम्प्यूटर ऑपरेटर आशीष पाराशर ने बताया कि रसोई में एक पारी में 90-95 लोग भोजन करते हैं। जुलाई 2024 से अनुदान का भुगतान नहीं मिला है।

अन्य रसोइयों कम हुए लाभार्थी
सूत्रों के अनुसार बजट के अभाव से जूझ रही अन्नपूर्णा रसोइयों में लाभार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। सुबह-शाम 100-100 थाली के लक्ष्य की तुलना में 100-110 लोग ही भोजन करने आ रहे हैं। गुरुवार को बस स्टैण्ड स्थित रसोई में सुबह की पारी में 32 वही सुखदेवपुरा की रसोई में महज 19 लोग पहुंचे।

यहां संचालित है रसोइयां
नगर परिषद सूत्रों के अनुसार शहर में वर्तमान में रोडवेज बस स्टैण्ड, जिला चिकत्सालय, सुखदेवपुरा, करौली रोड, गुलशन कॉलोनी व खन्ना कॉलोनी में अन्नपूर्णा रसोई संचालित है।

दूसरे कस्बों में भी रसोई बंद
सूत्रों के अनुसार महू कस्बे में स्वीकृत एक अन्नपूर्णा रसोई बंद पड़ी है। वहीं सूरौठ में रसोई का अनियमित संचालन है। जिले के टोडाभीम में दो में से एक तथा सपोटरा में दोनों रसोइयों बंद हैं।