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सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें

हिण्डौनसिटी. साइबर अपराधों के विरुद्ध पत्रिका के अभियान के तहत शुक्रवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में टॉक-शो आयोजित हुआ। जिसमें वक्ताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सतर्कता बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों का मेलजोल जितना सहज हुआ है। वहीं थोड़ी अनदेखी बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। संचार क्रांति से वर्तमान में सुविधाएं बढऩे के साथ साइबर क्राइम दुविधा बन गया है। ऐसे में लोगों को सोशल मीडिया अकाउंट पर निजी जानकारियां साझा नहीं करनी चाहिए। इसका साइबर अपराधी दुरुपयोग कर सकते हैं।

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हिण्डौनसिटी. साइबर अपराधों के विरुद्ध पत्रिका के अभियान के तहत शुक्रवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में टॉक-शो आयोजित हुआ। जिसमें वक्ताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सतर्कता बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों का मेलजोल जितना सहज हुआ है। वहीं थोड़ी अनदेखी बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। संचार क्रांति से वर्तमान में सुविधाएं बढऩे के साथ साइबर क्राइम दुविधा बन गया है। ऐसे में लोगों को सोशल मीडिया अकाउंट पर निजी जानकारियां साझा नहीं करनी चाहिए। इसका साइबर अपराधी दुरुपयोग कर सकते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य कक्ष में आयोजित टॉक शो में सहायक आचार्य डॉ.अनिल अग्रवाल ने कहा कि पत्रिका के साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लोगों का जागरूक बना रहा है। साथ ही साइबर क्राइम का शिकार होने से बचा रहा हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी बड़े शातिर होते हैं। वे सोशल मीडिया प्लेट फार्म पर किसी अपटपटे प्रश्न का उत्तर या ज्योतिषी होने का झांसा दे कर निजी जानकारी पोस्ट करवा लेेते हैं। जो अपने साथ साइबर अपराध घटित होने की वजह बन सकती है। सहायक आचार्य श्रीनिवास गुर्जर ने कहा कि डिजीटलाइजेशन में मोबाइल पढ़ाई में मददगार साधन बन गया है। लेकिन विद्यार्थियों व अन्य को सोशल मीडिया पर पल-पल अपटेड रहना ठीक नही हैं। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जन्मदिन व वर्षगांठ की बधाई व शुभकामनाओं के संबंध में परिवारजनों और निजी फोटो शेयर करने बचना चाहिए। एआइ के दौर में कूट रचित फोटो तैयार कर साइबर ठग इनका दुरुपयोग कर सकते हैं। आए दिन समाचार पत्रों में ब्लैकमेङ्क्षलग के मामले सामने आ रहे हैं। इनसे सबक लेते हुए चौकन्ना रहने की जरुरत है। सहायक आचार्य सुमित विरेटिया ने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट के हैक होने की स्थित में तुरंत पुलिस की साइबर सेल में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
साथ ही उस मोबाइल नम्बर से बैंक खातों के जुड़े होनेे ठगी की संभावना और बढ़ जाती है। ऐसे हैकिंग के दौरान बैंङ्क्षकग व रुपयों के लेनदेन के ऐप्स को ऑपरेट करने की बजाय टोल फ्री नम्बर पर शिकायत दर्ज करा खाते को ब्लाक करवा चाहिए। इस दौरान कृषिविज्ञान के छात्र सचिन गुर्जर ने कहा कि फोन पर अनजाने कॉल्स को रिसीब नहीं करना चाहिए। वहीं लॉटरी व रुपयों के इनामी गेम की ङ्क्षलक ओपन और सेंड करने से बचना चाहिए। ये प्रलोभन बैंक खाते को खाली करवा सकते हैं। टॉक शो में गुड्डी यादव, अंतिमा यादव, राहुल सामोता, कुंवर सिंह, सुमन वर्मा, सरिता कुमारी ने भी विचार व्यक्त किए। कॉलर ट्यून पर सतर्कता का संदेश
टॉक शो में कृषि महाविद्यालय की छात्रा ज्योति जाट ने कहा कि मोबाइल से कॉल करने पर कॉलर ट्यून व्यक्ति को साइबर क्राइम के प्रति जागरुक रहने का संदेश देती है। टेलीकॉम की सरकारी व निजी कम्पनियां इस संदेश को प्रसारित कर रही हैं।

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