हिण्डौनसिटी.अनुसूचित जाति व जनजाति के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले विरोध में भारत बंद के आह्वान पर हिण्डौन में बाजार बंद रहे। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की रैली निकलने तक लोग भीड़ को लेकर आशंकित रहे। हालांकि पुलिस प्रशासन की चाकचौबंद निगरानी और चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच एससी-एसटी वर्ग ने रैली निकाल उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुंच एसडीएम हेमराज गुर्जर को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। वहींं भीड़ को बाजर में घुसने के रोकने के लिए बैरीकेड्स लगाए गए। शांति पूर्ण रैली के समापन के बाद दोपहर बाद बाजारों में दुकानें खुलना शुरू हो गया।
बंद और रैली के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जाटव बगीची में एससी-एसटी वर्ग के लोगों के जुटने से पहले सुबह 8 बजे से ही प्रशासन सतर्क हो गया। और करीब डेढ़ किलोमीटर लम्बे रैली मार्ग में पुलिस और आरएससी के आलावा एसटीएफ की दो कम्पनियों के सशस्त्र जवानों को तैनात कर दिया। 11 बजे के रैली के कार्यक्रम को लेकर सुुबह 10 बजे से शहर और ग्रामीण क्षेत्र से लोगों का जुटना शुरू हो गया। इस दौरान कलक्टर नीलाभ सक्सेना, एसपी ब्रजेश ज्योति उपाध्याय ने जाटव बगीची पहुंच आयोजन समिति के लोगों को गत दिनों बैठक में चर्चा के मुताबिक समयबद्धता से रैली निकालने को ताकीद किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक सभा करने के बाद विधायक अनीता जाटव, पूर्व प्रधान शिवराज मीणा, नगर परिषद सभापति ब्रजेश जाटव, ताराचंद जाटव, रामचरण खुरसटपुरा व पूरण जाटव की अगुआइ में रैली शुरू हुई। भारी पुलिस और सुरक्षा बंदोबस्त के बीच रैली महाराजा सूरजमल स्टेडियम, मनीराम पार्क, भगत सिंह सर्किल, तहसील मोड़ होते हुए उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुंची। जहां विधायक, पूर्व प्रधान तथा एससी-एसटी आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने एसडीएम को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को आरक्षण व्यवस्था को पूर्ववत रखने की मांग का ज्ञापन सौंपा। इसके बाद भीड़ फिर से जाटव बगीची पहुंच गई। जिसे डीएसपी गिरधर सिंह चौहान की नेतृत्व में तैनात पुलिस जाप्ते ने घरों के लिए रवाना कराया। इस दौरान रामेश्वर मूडरी, नवलेराम मीणा कमालपुरा, जगदीश मीणा, भैरोंसिह मीणा, दिनेश झारेड़ा, खेमसिंह मीणा, गोलू मीणा, शांतिलाल करसौलिया, पुरुषोत्तम बंशीवाल, अमरसिंह, प्रेमप्रकाश, नेमीचंद सहित अनेक लोग रैली में शामिल रहे।
भगतसिंह प्रतिमा पर पहनाई माला, लहराए तिरंगे-
रैली में अम्बेडकर के फोटो के नीले झंडों के साथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी लहराया गया। वहीं विधायक अनीता जाटव ने रास्ते में शहीद ए आजम भगतसिंह की प्रतिता पर माल्यार्पण किया। संघर्ष समिति के रिंकू खेडी हैवत ने बताया कि प्रधानमंत्री के एससी-एसटी के आरक्षण के प्रति सकारात्मक रवैया पर तिरंगा लहरा कर शांति ओर अनुशासन का संदेश दिया है।
कहीं बंद तो कहीं खुली दुकानें-
भारत बंद के आह्वान के दौरान शहर में कहीं बंद रही तो कहीं दुकानें खुली रहीं। जलभराव प्रभावित क्षेत्र में दुकानों में दुकानदार सामान के सारसंभाल करते देखे गए। वहीं नई मंडी व स्टेशन रोड पर बंद का मिल जुला असर रहा। बंद से बाहर रहने से दवा की दुकानें खुली रहीं। दोपहर बाद बाजारों में आधी दुकानें खुलीं, लेकिन लोगों की आवाजाही कम रहने से सूनापन सा रहा।
बेरिकेड्स से रोके बाजार के रास्ते-
रैली में शामिल भीड़ को बाजार में घुसने से रोकने के लिए रैली मार्ग में करीब10 स्थानों पर पुख्ता बैरीकेड्स लगाए गए। साथ ही एसटीएफ व पुलिस तैनात की गई। इससे लोगों को दूसरे रास्तों में निकलना पड़ा। रैली के बाद दोपहर में दो बजे बैरीकेड्स हटा दिए गए।
आरपीएफ व जीआरपी रही चौकस-
भारत बंद के दौरान निकली रैली को लेकर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ व व जीआरपी पुलिस चौकस रही। दोनों सुरक्षा वालों जवानों ने प्लेटफार्म व सर्कूलेटिंग एरिया में गश्त की। आरपीएफ चौकी प्रभारी धर्मेेंद्र कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर 60 का जाप्ता तैनात रहा।