हिण्डौनसिटी. जिला स्तरीय चिकित्सालय में एक बार फिर रक्त का टोटा हो गया है। मदर ब्लड बैंक से आपूर्ति मिलने के 24 बाद रक्त संग्रहण केन्द्र में ब्लड यूनिटों की अपर्याप्तता हो गई हैै। रक्त संग्रहण केन्द्र में रिजर्व मोड़ के मानकों से भी कम रक्त बचा है। ऐसे में चिकित्सालय में उपलब्ध ब्लड यूनिटों को आपात स्थिति के लिए रिजर्व रखा है। गुरुवार को रक्त संग्रहण केन्द्र में 11 यूनिट की उपलब्धता रही। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार द्वितीय मदर ब्लड बैक जयपुरिया अस्पताल से 21 अप्रेल को 30 यूनिट रक्त की आपूर्ति मिली थी। पूर्व की रिजर्व 3 यूनिटों से सहित रक्त संग्रहण केन्द्र में ब्लड की उपलब्धता 33 यूनिट हो गई। चिकित्सालय में ऑपरेशन व प्रसूताओं के अलावा एनीमिक रोगियों को लगाने से 24 दिन की अवधि में 22 यूनिट रक्त खप गया। इससे रक्त संग्रहण केन्द्र में 11 यूनिट रक्त बचा है।
रक्त संग्रहण केंद्र में रक्त की उलब्धता रिजर्व मोड़ की गाइड लाइन से कम हो गई है। नकों के अनुरूप सभी ग्रुप के रक्त की 5-5 यूनिट उपलब्धता से रक्त संग्रहण केन्द्र रिजर्व मोड़ से ऊपर रहता है। चिकित्सकों के अनुसार रोगियों को रक्त संग्रहण केंद्र से चिकित्सकीय परामर्श के साथ भारत विकास परिषद की अनुशंषा पर ब्लड दिया जाता है।
एबी की 1 और ओ की 2 यूनिट शेष
रक्त संग्रहण केन्द्र में गुरुवार को एबी ग्रुप की एक यूनिट व ओ ग्रुप के रक्त की 2 यूनिट शेष रहीं। वहीं ए और ओ ग्रुप के रक्त की 4-4 यूनिट उपलब्धता रही। ऐसे में दुर्घटना, ऑपरेशन एवं अन्य आपात स्थिति के लिए रक्त रिजर्व रखा गया है।
करौली ब्लड बैंक को भेजा मांग पत्र
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार रक्त संग्रहण केंद्र की गुरुवार को प्रथम मदर ब्लड बैंक करौली को आपूर्ति के लिए ऑनलाइन मांग पत्र भेजा गया है। 34 यूनिट रक्त के मांग पत्र में ए व ओ की 10-10 , बी ग्रुप की 12 व एबी ग्रुप की 2 यूनिट चाही गई हैं।
इनका कहना है
रक्त संग्रहण केन्द्र में रक्त कम है, लेकिन सभी ग्रुपों की यूनिट उपलब्ध हैं। करौली ब्लड बैंक को 34 यूनिट का मांग पत्र भेजा गया है।
डॉ.पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता, पीएमओ जिला चिकित्सालय,हिण्डौनसिटी।