करौली. जिले में आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत आयोजित दो दिवसीय एवं तीन दिवसीय फील्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में जनगणना को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपादित करने, जनगणना ब्लॉकों के सटीक निर्माण, नक्शा तैयारी तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा संग्रहण पर विशेष फोकस किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना ने की। उन्होंने कहा कि जनगणना ब्लॉक का सटीक निर्माण ही पूरी जनगणना प्रक्रिया की आधारशिला है, क्योंकि इससे आंकड़ों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। उन्होंने बताया कि आगामी जनगणना पूर्णत: डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें प्रथम चरण में चार्ज अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। राज्यभर में जनगणना के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकान गणना—का फील्ड कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर डाटा संग्रहण करेंगे। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक राजस्व ग्राम में जनगणना ब्लॉकों का सही चयन, स्पष्ट सीमा निर्धारण और त्रुटिरहित निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रगणकों को आवंटित क्षेत्र में कार्य करने में कोई कठिनाई न हो। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण की तैयारियों के अंतर्गत जिले में प्रशिक्षण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। जनगणना निदेशालय से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों विशाल गर्ग एवं हिमांशु गोयल ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से मकान सूचीकरण, जनगणना ब्लॉक निर्माण तथा पूछे जाने वाले प्रश्नों की विस्तृत जानकारी दी।
तीन दिन चला प्रशिक्षण
अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिड़वाल ने बताया कि 19 से 21 फरवरी तक आयोजित इस प्रशिक्षण में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर परिषद/नगर पालिका आयुक्त एवं उनके तकनीकी स्टाफ को जनगणना ब्लॉक निर्माण, नक्शा तैयार करने तथा आगामी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहली बार है जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप निदेशक सांख्यिकी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारी, एसीपी डीओआईटी, सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आयुक्त, अधिशासी अधिकारी तथा जिला जनगणना प्रकोष्ठ के कार्मिक उपस्थित रहे।