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हिण्डौनसिटी . स्पिक मैके सोसायटी फॉर दा प्रोमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड आर्ट के हिण्डौन चैप्टर की ओर से ग्रामीण क्षेत्र विद्यालयों में शास्त्रीय संगीत व नृत्य कार्यशाला हुई। इसमें भरतनाट्यम की राष्ट्रीय कलाकार देबास्मिता ठाकुर ने भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति दी और छात्राओं को भावभंगिमाओं के गुर सिखाए।
कार्यक्रम संयोजक स्पिक मैके के चैप्टर समन्वयक अनमोल बागरैनिया ने बताया कि स्पिक मैके युवाओं में भारतीय शास्त्रीय नृत्य व संगीत, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का एक शैक्षिक युवा आन्दोलन है। इसके तहत महानगरों से दूर अद्र्ध शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को कार्यशाला प्रदर्शन से शास्त्रीय नृत्य और संगीत की विधा से रुबरू कराया जा रहा है। गत दिवस राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढिंढोरा एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, धुरसी में भरतनाट्यम नृत्य का प्रदर्शन किया गया। भरतनाट्यम की राष्ट्रीय कलाकार देबास्मिता ठाकुर द्वारा ढिंढोरा के विद्यालय में भरतनाट्यम नृत्य के माध्यम से महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा के रौद्रमुखी रूप की आकर्षक प्रस्तुति दी। वहीं धुरसी के विद्यालय में शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम द्वारा बंदिशें… मैं ना जाऊं जमुना तीर…की प्रस्तुति देकर छात्राओं को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान कलाकार देबास्मिता ठाकुर ने छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें भरतनाट्यम नृत्य के प्रारम्भिक गुर सिखाए। ढिंढोरा विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह व धुरसी के विद्यालय की प्रिंसिपल उमा उपाध्याय ने कलाकार व स्पिक मैके टीम का भारत की धरोहर नृत्य -संगीत की कलाओं से विद्यार्थियों को परिचित करने की मुहिम की सराहना की व नृत्यांगना की सम्मान किया। कार्यशाला प्रदर्शन के दौरान स्पिक मैके चैप्ट टीम के संजीव सोपरा, यश दत्तात्रेय उपस्थित रहे। कार्यशाला 23 अगस्त तक विभिन्न स्कूलों में आयोजित होगी।