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सेण्ड स्टोन की नक्काशी भी हुई मशीनी, सीएनसी से बन रहीं उम्दा कलाकृति

हिण्डौनसिटी. छैनी-हथौड़े से ठक-ठक कर पत्थर को तराशने की परम्परागत शिल्पकला हाईटैक हो गई है। दस्तकारों की बजाय अब कम्प्यूटरीकृत स्वचालित छैनियोंं से पत्थर की नक्काशी कर शिल्पकृतियां बनाई जा रही हैं। देश-विदेश में ख्यात हिण्डौन के औद्योगिक क्षेत्र में मशीनी शिल्पकार सीएनसी (कम्प्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल) मशीन से लाल पत्थर की जालियां और मार्बल पर डिजायनेें तैयार हो रही हैं। समय व श्रम की बचत के साथ शिल्प की उत्कृष्टता से रीको औद्योगिक क्षेत्र में चंद वर्ष में सीएनसी मशीनों की संख्या बढ़ कर 35-40 हो गई है।

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हिण्डौनसिटी. छैनी-हथौड़े से ठक-ठक कर पत्थर को तराशने की परम्परागत शिल्पकला हाईटैक हो गई है। दस्तकारों की बजाय अब कम्प्यूटरीकृत स्वचालित छैनियोंं से पत्थर की नक्काशी कर शिल्पकृतियां बनाई जा रही हैं। देश-विदेश में ख्यात हिण्डौन के औद्योगिक क्षेत्र में मशीनी शिल्पकार सीएनसी (कम्प्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल) मशीन से लाल पत्थर की जालियां और मार्बल पर डिजायनेें तैयार हो रही हैं। समय व श्रम की बचत के साथ शिल्प की उत्कृष्टता से रीको औद्योगिक क्षेत्र में चंद वर्ष में सीएनसी मशीनों की संख्या बढ़ कर 35-40 हो गई है।

करीब साढ़े चार दशक पहले स्थापित रीको औद्योगिक क्षेत्र में अधिकांश फैक्ट्रियां सेण्ड स्टोन आधारित है। जिन पर मशीनीकृत कङ्क्षटग-पॉलिङ्क्षशग के साथ सेण्ड स्टोन की जालियां, बेलबूटा की सीनरी व अन्य कृतियां बनाने कार्य किया जाता है। पत्थर पर पारंपरिक तरीके से नक्काशी में घंटों तक सावधानी पूर्वक काम करने की जरुरत होती है। ऐसे में सेण्ड स्टोन की नक्कासी को बहुआयामी बनाने व काम को रफ्तार देने के लिए उद्यमियों ने सीएनसी मशीन स्थापित कर कम्प्यूटर में डिजाइन स्कैङ्क्षनग से सेण्ड स्टोन जालियों व नक्काशी शुरू की। हिण्डौन में पहली सीएनसी मशीन वर्ष 2014 में दौलत ङ्क्षसह धाकड़ ने लगाई थी। सीएनसी से पत्थर उत्कीर्णन में असीमित रचनात्मक संभावनाएं होने से चंद वर्ष में दो दर्जन सेण्ड स्टोन यूनिटों में हाईटैक सीएनसी मशीनों से नक्काशी और जालियों के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। गौरतलब है कि बीते वर्ष जिले के दौरे पर आए दक्षिणी अफ्रीकी देशों के राजदूत रीको में सीएनसी से सेण्ड स्टोन प पर तैयार सीनरियों को देख अभिभूत हो गए थे।
शिल्प में आई एकरूपता :

उद्यमियों ने बताया कि सीएनसी मशीनों से जाली व शिल्प कृतियों में एकरूपता आई है। सीएनसी से सूक्ष्म सटीकता के साथ डिजाइनों को लगातार दोहरा जा सकता है। जबकि हाथ से नर्मित जाली व डिजायनों में थोड़ा बहुत अंतर रहने से एकरूपता नहीं हो पाती है।


इधर सिलिकोसिस पर अंकुश : आम तौर पर सेण्ड स्टोन प्रोसेङ्क्षसग में डस्ट उडऩे से कारीगरों के फेंफडे प्रभावित होते हंै। इससे सिलिकोसिस रोग हो जाता है। लेकिन सीएनसी मशीन से पानी के प्रवाह के साथ स्टोन कङ्क्षटग होने से धूल नहीं उड़ती है। ऐसे में रीको औद्योगिक क्षेत्र की दो दर्जन सेण्ड स्टोन फैक्ट्रियों में काम धूल रहित हो गया है।


राष्ट्रपति भवन व इंडिया गेट पर लगाए पिलर
सेण्ड स्टोन उद्यमी हिमांशु पप्पू ने बताया कि सीएनसी मशीन के जरिए पत्थर पर मनचाही डिजायन की नक्काशी व कृति तैयार हो जाती है। नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन व इंंडिया गेट पर रोड साइङ्क्षडग के सेण्ड स्टोन पिल्लर हिण्डौन में तैयार किए गए। इसमे अलावा देश के कई शहरों सौन्दर्यकरण कार्य के लिए सीएनसी से तैयार डिजायनेें भेजी गई हैं।


एक घंटे में तैयार होती एक फीट जाली
सेण्ड स्टोन उद्यमियों ने बताया कि सीएनसी मशीन कम्प्यूटर मैमोरी में लोड़ की गई डिजाइन के अनुसार बिट से कङ्क्षटग कर सेण्ड स्टोन की स्लाइड पर ग्राफिक्स उकेरती है। सीएनसी मशीन एक घंटे में एक फीट जाली या बेलबूटे उकेरती है।

इनका कहना है
सीएनसी मशीन लगाने से डिजायन में उत्कृष्टता आई है। क्षेत्रीय कारोबार में इजाफा हुआ है। साथ ही काम काज के डस्ट रहित होने से श्रमिक सिलिकोसिस की आशंका से सुरक्षित हुए हैं।
दौलत धाकड़, उपाध्यक्ष रीको उद्योग मंडल हिण्डौनसिटी
फैक्ट फाइल
कुल उद्यम 275
सेण्ड स्टोन उद्यम 148
सीएनसी मशीन 35

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