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असंयमित खान पान से बढ रहे रोगी, जिला अस्पताल में 10 माह में हुई 365 डायलिसिस प्रक्रिया

हिण्डौनसिटी. असंयमित खान-पान और बिगड़ी दिनचर्या के कारण लोग किडऩी रोगों की चपेट में आ रहे हैं। जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 8 से 10 मरीज किडऩी संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए पहुंचते हैं। हालांकि चिकित्सालय में नेफ्रोलॉजिस्ट का पद नहीं है , फिजिशियन चिकित्सक ही रोगियों को परामर्श दे रहे हैं। उच्चीकृत चिकित्सालय से […]

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हिण्डौनसिटी. असंयमित खान-पान और बिगड़ी दिनचर्या के कारण लोग किडऩी रोगों की चपेट में आ रहे हैं। जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 8 से 10 मरीज किडऩी संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए पहुंचते हैं। हालांकि चिकित्सालय में नेफ्रोलॉजिस्ट का पद नहीं है , फिजिशियन चिकित्सक ही रोगियों को परामर्श दे रहे हैं।

उच्चीकृत चिकित्सालय से परामर्श के बाद जिला चिकित्सालय की डायलिसस यूनिट में बीते दस माह में 365 डायलिसिस प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डा.पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि किडनी रोगों के प्रति जागरुकता के लिए मार्च माह के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष किडनी दिवस की थीम सभी के लिए गुर्दा स्वास्थ्य लोगों की देखभाल है।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर जांच कराना और पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप किडनी रोगों के प्रमुख कारण हैं। नियमित व्यायाम, नमक का कम सेवन और वजन नियंत्रित रखना किडनी को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है। डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि शुरुआती लक्षणों को नजर अंदाज करने से मामूली समस्या गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय रहते चिकित्सक से परामर्श लें, ताकि डायलिसिस या प्रत्यारोपण जैसी स्थिति से बचा जा सके।