करौली. आस्था धाम कैलादेवी में चैत्र नवरात्र का प्रसिद्ध लक्खी मेला 16 मार्च से शुरू होगा, लेकिन श्रद्धालुओं की आवक शीतलाष्टमी पूजा के बाद से ही बढ़ने लगी है। प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह चार बजे से देर रात तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
करीब तीन किलोमीटर तक फैले मेला क्षेत्र में दुकानों की सजावट शुरू हो चुकी है। खिलौनों, मिठाइयों, धार्मिक वस्तुओं और ग्रामीण जीवन से जुड़ी चीजों की दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। मेले के आरंभ से पहले ही वातावरण में उत्साह और भक्ति का रंग घुल चुका है।
कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट ने लक्खी मेले को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और चिकित्सा व पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि कैलादेवी का लक्खी मेला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मेलजोल का भी अवसर है। यहां आने वाले भक्त माता के दर्शन के साथ-साथ मेले की रौनक का आनंद भी उठाते हैं।