करौली. जिले की शहरी क्षेत्र में नल कनेक्शनों से वंचित पेयजल समस्या ग्रस्त क्षेत्र के बाङ्क्षशदों को जल्दी समस्या से अब राहत मिल सकेगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से करौली जिले के शहरी क्षेत्र में अमृत योजना के द्वितीय फेस के अंतर्गत जिला मुख्यालय करौली सहित हिण्डौन, सपोटरा शहरी क्षेत्र के लिए कार्य योजना तय कर ली गई है।
65 करोड़ रुपए से अधिक की इस कार्ययोजना के जरिए इन तीनों शहरी क्षेत्र में अभी तक पाइप लाइन और नल कनेक्शन से वंचित लोगों को राहत मिल सकेगी। इसके अंतर्गत इन तीनों शहरी क्षेत्र में 31 किलोमीटर से अधिक की राइङ्क्षजग लाइन तथा 251 किलोमीटर से अधिक की वितरण पाइपलाइन डालने की कार्य योजना तैयार की गई है। इसके अलावा नलकृप, उच्च जलाशय, स्वच्छ जलाशय, पम्प स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन सबके लिए 65 करोड रुपए से अधिक की डीपीआर तैयार हुई है। जलदाय विभाग सूत्रों के अनुसार अमृत योजना के द्वितीय फेज में करौली जिला मुख्यालय सहित सपोटरा और हिण्डौनसिटी नगर परिषद क्षेत्र में अभी तक नल कनेक्शन और पाइपलाइन से वंचित क्षेत्र को जोड़ा जाएगा।
डीपीआर स्वीकृत, अब तकनीकी स्वीकृति का इंतजार
विभागीय सूत्रों के अनुसार अमृत योजना के द्वितीय फेज में तैयार की गई इस कार्य योजना की डीपीआर तैयार होकर स्वीकृत हो चुकी है, अब तकनीकी स्वीकृति का इंतजार है। इसके बाद इन कार्यों की निविदा जारी की जाएगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से इन सभी कामों को कराया जाएगा। इन सभी कार्यों के लिए 5 साल का रखरखाव संबंधित संवेदक की ओर से किया जाएगा।
करौली में यह होंगे कार्य
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सूत्रों के अनुसार करौली जिला मुख्यालय पर अभी तक पाइप लाइन, नल कनेक्शनों से वंचित क्षेत्रों के लिए करीब 19.62 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत इन क्षेत्रों में 5.7 किलोमीटर क्षेत्र में राइङ्क्षजग लाइन डाली जाएगी, जबकि 91 किलोमीटर क्षेत्र में वितरण लाइन डाली जानी है। इसके अलावा करौली शहर में 22 नए नलकूप स्थापित किए जाएंगे और तीन उच्च जलाशयों का निर्माण होगा।
इनमें मासलपुर चुंगी पुलिस चौकी के समीप 5 लाख लीटर की टंकी, राजकीय महाविद्यालय के पीछे दो लाख लीटर की टंकी तथा शिकारगंज क्षेत्र में चार लाख लीटर टंकी का निर्माण कराया जाएगा। वहीं प्रत्येक उच्च जलाशय के लिए एक-एक स्वच्छ जलाशय का भी निर्माण होगा। साथ ही पम्प हाउस भी स्थापित किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार इन सब संसाधनों पर करीब 19.62 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
हिण्डौन व सपोटरा शहरी क्षेत्र के कार्य
इसी प्रकार हिण्डौन सिटी नगर परिषद क्षेत्र में 16 नए नलकूप लगाए जाएंगे। साथ ही 7 उच्च जलाशय, तीन स्वच्छ जलाशय, एक पम्प स्टेशन का निर्माण होगा। करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में मुख्य राइङ्क्षजग लाइन डाली जाएगी, जबकि करीब 139 किलोमीटर में वितरण लाइन डाले जाने की कार्य योजना है।
हिण्डौनसिटी क्षेत्र में होने वाले इन सभी कार्यों पर करीब 39.62 करोड रुपए की डीपीआर तैयार हुई है। इसी प्रकार सपोटरा नगर पालिका क्षेत्र में 3 नए नलकूप लगाने के साथ एक उच्च जलाशय, एक स्वच्छ जलाश्य का निर्माण होगा, जबकि एक पम्प हाउस भी बनेगा। सपोटरा में नल कनेक्शन से वंचित क्षेत्रों में 5.50 किलोमीटर लम्बी राइङ्क्षजग पाइप लाइन डाली जाएगी, जबकि 21.5 किलोमीटर क्षेत्र में वितरण पाइप लाइन डाली जाएंगी। इन सभी कार्यों पर करीब 5.83 करोड़ रुपए का खर्चा आंका गया है।
हिण्डौन व सपोटरा शहरी क्षेत्र के कार्य
इसी प्रकार हिण्डौन सिटी नगर परिषद क्षेत्र में 16 नए नलकूप लगाए जाएंगे। साथ ही 7 उच्च जलाशय, तीन स्वच्छ जलाशय, एक पम्प स्टेशन का निर्माण होगा। करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में मुख्य राइङ्क्षजग लाइन डाली जाएगी, जबकि करीब 139 किलोमीटर में वितरण लाइन डाले जाने की कार्य योजना है।
हिण्डौनसिटी क्षेत्र में होने वाले इन सभी कार्यों पर करीब 39.62 करोड रुपए की डीपीआर तैयार हुई है। इसी प्रकार सपोटरा नगर पालिका क्षेत्र में 3 नए नलकूप लगाने के साथ एक उच्च जलाशय, एक स्वच्छ जलाश्य का निर्माण होगा, जबकि एक पम्प हाउस भी बनेगा। सपोटरा में नल कनेक्शन से वंचित क्षेत्रों में 5.50 किलोमीटर लम्बी राइङ्क्षजग पाइप लाइन डाली जाएगी, जबकि 21.5 किलोमीटर क्षेत्र में वितरण पाइप लाइन डाली जाएंगी। इन सभी कार्यों पर करीब 5.83 करोड़ रुपए का खर्चा आंका गया है।
गत वर्ष तक करौली जिले में शामिल रहे टोडाभीम नगर पालिका क्षेत्र में भी अमृत योजना के द्वितीय चरण में वंचित इलाकों में पानी के लिए नए संसाधन विकसित किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार टोडाभीम नगर पालिका क्षेत्र में 7 नए नलकूप स्थापित किए जाएंगे, वहीं दो उच्च जलाशयों और एक स्वच्छ जलाश्य का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही एक पम्प स्टेशन स्थापित करने के साथ 3 किलोमीटर क्षेत्र में राइङ्क्षजग पाइप लाइन डाली जाएगी । जबकि करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में वितरण लाइन डाली जाएगी। इन सब पर करीब 7.61 करोड रुपए की लागत आएगी।
इनका कहना है
अमृत योजना के द्वितीय चरण में करौली जिले के हिण्डौन, करौली और सपोटरा शहरी क्षेत्रों के लिए कार्ययोजना तय की गई है। इन तीनों शहरी क्षेत्रों में अभी तक पाइप लाइन और नल कनेक्शन से वंचित क्षेत्रों को शामिल करते हुए 65 करोड़ रुपए से अधिक की डीपीआर तैयार हुई है, जो स्वीकृत हो चुकी है। कंसलटेंट से तकनीकी परीक्षण और तकनीकी स्वीकृति जारी होने के बाद टेण्डर प्रक्रिया शुरू होगी।
परशुराम वर्मा, अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी, करौली