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VIDEO: अपनी विशेष पहचान के लिए प्रसिद्ध है करौली का यह रियासतकालीन मेला
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VIDEO: अपनी विशेष पहचान के लिए प्रसिद्ध है करौली का यह रियासतकालीन मेला

करौली . यहां मेला गेट बाहर स्थित मेला मैदान क्षेत्र इन दिनों मसालों की सुगंध से महक रहा है। रियासतकाल से चला आ रहा यह मसाला मेला अपनी अलग ही पहचान लिए हुए है।
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करौली

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Dinesh Kumar Sharma

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Updated: 23 Mar 2024, 11:15 AM IST

करौली . यहां मेला गेट बाहर स्थित मेला मैदान क्षेत्र इन दिनों मसालों की सुगंध से महक रहा है। रियासतकाल से चला आ रहा यह मसाला मेला अपनी अलग ही पहचान लिए हुए है।

हालांकि अब बदलते परिवेश में मेले के स्वरूप में भी परिवर्तन हुआ है। रियासतकाल में फाल्गुन माह में आयोजित होने वाले इस मेले ने अब आधुनिकता का रूप भी लिया है। पहले मेले में जहां मसालों और लोहे की सामग्री का बड़े स्तर पर कारोबार होता था, वहीं अब मेले में घरेलू उपयोग के विभिन्न उत्पाद भी आने लगे हैं। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए रहटक-झूले भी लगने लगे हैं। मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर खरीददारी करते हैं। यह मेला यहां राजशाही जमाने से लगता रहा है। दूरदराज से यहां व्यापारी आकर अपने मसाला बेचते हैं। यह मेला प्रसिद्ध शिवरात्रि पशु मेले के बाद मेला मैदान पर शुरू होता है और होली तक आयोजित होता है। अनेक लोग यहां आकर अपनी रसोई के लिए साल भर के लिए मसाले खरीदकर ले जाते थे। हालांकि समय के साथ ही मेले में बदलाव हुआ है। मेले में पहुंचने वाले दुकानदार और लोगों ने बताया कि मेला क्षेत्र में दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।

कई दुकानदारों की दो से तीन पीढिय़ां लगातार मेले में व्यापार करने आती रही है। हालांकि मेला स्थल पर व्यवस्थाओं की कमी के चलते मसाला व्यापारियों की संख्या तो पहले के बराबर नहीं रहती, लेकिन अन्य वस्तुओं की दुकानें जरुर यहां लगने लगी हैं। पहले की तुलना में अब मसाला व्यापारी यहां कम पहुंचते हैं, लेकिन मसाला मेला के नाम के अनुरूप अभी भी दूरदराज के व्यापारी यहां माल बेचने पहुंच रहे हैं। इस बार मेले में मसाले की दुकान लगाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि मेला अब पहले की तुलना में कुछ कम हुआ है। लोग बताते हैं कि पहले यहां धौलपुर, आगरा , ग्वालियर एवं मुरैना सहित दूरदराज के व्यापारी आते थे।

मिर्च के व्यापारी आए अधिक
इस बार मेले में मिर्च व्यापारियों की संख्या अधिक नजर आ रही है। सवाईमाधोपुर जिले के छाण गांव से अनेक किसान और व्यापारी मेले में मिर्च बेचने के लिए पहुंचे। इनके अलावा स्थानों से भी व्यापारी मिर्च लेकर आए हैं। वहीं विभिन्न मसालों की दुकानें भी मेले में लगी है।

बच्चों के लिए आए रहटक-झूले
मेले में बच्चों के लिए झूला, रहटक, झूला, नाव, ट्रंपोङ्क्षलग जंप आदि मनोरंजन के साधन आए हैं, जिनका बच्चे लुत्फ ले रहे हैं। वहीं मेले में सौंदर्य प्रसाधन, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानें भी लगी हैं।