29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

करौली
कैलामाता का लक्खी मेला शुरू, मार्ग पर लगी अटूट कतार, पहले दिन दो लाख ने किए दर्शन
Play video

कैलामाता का लक्खी मेला शुरू, मार्ग पर लगी अटूट कतार, पहले दिन दो लाख ने किए दर्शन

करौली. उत्तर भारत प्रसिद्व कैलादेवी आस्थाधाम में शनिवार से कैलामाता का चैत्र लक्खी मेला शुरू हो गया। मेले के पहले दिन ही आस्थाधाम में लाखों की भीड़ उमड़ी। एक पखवाड़े तक चलने वाले इस मेले के पहले दिन करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

करौली

•

image

Dinesh Kumar Sharma

•

Updated: 6 Apr 2024, 5:47 PM IST

करौली. उत्तर भारत प्रसिद्व कैलादेवी आस्थाधाम में शनिवार से कैलामाता का चैत्र लक्खी मेला शुरू हो गया। मेले के पहले दिन ही आस्थाधाम में लाखों की भीड़ उमड़ी। एक पखवाड़े तक चलने वाले इस मेले के पहले दिन करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी। इसके चलते तड़के से रात तक मंदिर परिसर माता के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

22 अप्रेल तक चलने वाले चैत्र लक्खी मेले को लेकर उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात आदि प्रांतों से कैलादेवी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। मेले के पहले दिन तड़के चार बजे से कालीसिल नदी में स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रैला दर्शनों के लिए रवाना हुआ। इसके चलते सुबह से ही रैलिंग भक्तों से खचाखच भर गई। माता के दर्शनों के लिए कतार में खड़े श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए गुनगान करते नजर आए। भीड़ के चलते शाम तक रैलिंग भक्तों से खचाखच भरी रही।

इस दौरान मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालु लालयित नजर आए। भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए इंतजार भी करना पड़ा। कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक स्थापना प्रदीप द्विवेदी ने बताया कि माता का मेला शनिवार से शुरू हुआ है, जो 22 अप्रेल तक चलेगा। पहले दिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी।


आस्था की राह में लगी है अटूट कतार
राज राजेश्वरी कैलामाता के मेले में पहुंचने वाले पदयात्रियों की संख्या में शनिवार को और इजाफा हो गया। दिनभर सड़क पर पदयात्रियों के जत्थे निकलते नजर आए। माता के दरबार में पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी है। सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर श्रद्धालु माता के दरबार की ओर बढ रहे हैं। इसके चलते हिण्डौनसिटी से करौली और करौली से कैलादेवी तक का मार्ग पर श्रद्धालु नजर आ रहे हैं। इन पदयात्रियों में विशेष रूप से उत्तरप्रदेश के आगरा, एटा, हाथरस, मथुरा सहित अन्य स्थानों से यात्री अपने परिजनों, मित्रों के साथ जत्थों के रूप में जा रहे हैं। वाहनों पर सजे माता के मंदिर और डीजे पर नाचते-गाते चल रहे पदयात्रियों से पूरा मार्ग धर्ममय बना हुआ है। इन भक्तों के लिए जगह-जगह भण्डारे, प्याऊ, विश्राम स्थल और चिकित्सा स्थल बनाए गए हैं।

पांचना पर स्नान पर
दूरदराज शहरों से पदयात्रा करके आ रहे श्रद्धालु पांचना बड़ा पुल पर ठहरकर स्नान के बाद आगे बढ़ रहे हैं। इसके चलते पांचना पुल पर हजारों की भीड़ जुट रही है।

मंद पड़ी वाहनों की रफ्तार
हिण्डौन से करौली और करौली से कैलादेवी तक एक ओर के मार्ग में पदयात्रियों की कतार के चलते वाहनों की रफ्तार मंद पड़ गई है। हिण्डौन से करौली तक का मार्ग सामान्य दिनों में लगभग एक घण्टे में पूरा हो जाता है, लेकिन यह समय अब बढ़कर 2 से ढाई घंटे का हो गया है, वहीं करौली से कैलादेवी तक करीब 40 मिनट का रास्ता है, जो अब डेढ़ घंटे से दो घंटे में पूरा हो पा रहा है।