करौली. जिला मुख्यालय पर इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार के बाद बुधवार को भी गैस एजेंसियों और गोदामों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। तेज धूप के बीच उपभोक्ताओं को 2 से 3 घंटे तक लाइन में खड़े रहकर सिलेंडर लेने का इंतजार करना पड़ा, जिससे आसपास के क्षेत्रों में अव्यवस्था और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बनी रही।
मंगलवार को बरखेड़ा पुल के पास स्थित इण्डेन गैस गोदाम पर सुबह से ही लोग खाली सिलेंडर लेकर पहुंचने लगे थे। देखते ही देखते उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग गई और दोपहर तक लोग धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। हालांकि सिलेंडरों की कमी नहीं दिखी, लेकिन मोबाइल से रजिस्ट्रेशन कराने के दौरान ओटीपी आने में देरी होने से वितरण प्रक्रिया धीमी रही, जिससे लोगों को अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
बुधवार को भी स्थिति लगभग वैसी ही रही। जिला मुख्यालय स्थित गैस एजेंसियों पर सुबह से ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलेंडर लेने पहुंच गए। पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर भी भीड़ के कारण अव्यवस्था का माहौल बन गया और सडक़ पर जाम जैसे हालात बन गए। इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें पिछले कई दिनों से सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और लंबा इंतजार करने के बाद ही गैस सिलेण्डर मिल पा रहा है। इण्डेन गैस एजेंसी संचालक टीकाराम मीणा ने बताया कि रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और प्रतिदिन करीब 525 सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति हो रही है। उन्होंने बताया कि सर्वर धीमा चलने के कारण ओटीपी मिलने में देरी हो रही है, जिससे सिलेंडर वितरण प्रभावित हो रहा है। फिलहाल उपभोक्ताओं के नंबर मैन्युअल रूप से दर्ज कर सिलेंडर दिए जा रहे हैं।
4 हजार उपभोक्ताओं की गैस सिलेंडर आपूर्ति पेंडिंग
हिण्डौनसिटी. शहर में रसोई गैस का संकट गहराने लगा है। बॉटलिंग प्लांटों से मांग से आधी आपूर्ति मिलने से घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर सिलेण्डरों की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। ऐसे शहर में करीब चार हजार बुकिंगकर्ताओं के यहां रसोई गैस सिलेण्डर की सप्लाई पेंडिंग हो गई है। इस बीच बुधवार को एलपीजी बुकिंग का सर्वर डाउन होने से उपभोक्ताओं को मोबाइल पर डीएसी कोड नहीं मिलने परेशानी हो गई। सिलेण्डर बुक नहीं होने से लोग रसोई गैस वितरक के कार्यालय पर चक्कर लगाते नजर आए।
दरअसल में शहर के विभिन्न इलाकों में रसोई गैस सिलेण्डर की तीन एजेंसियां संचालित हैं। जिन पर नगर परिषद क्षेत्र सहित आसपास की ढाणियों के करीब 45 हजार उपभोक्ता पंजीकृत हैं। अब तक उपभोक्ता अपने निर्धारित कोटे के सब्सिडी सिलेण्डरों की बुकिंग की समय सीमा के लिए स्वतंत्र था। दो सप्ताह से प्रदेश भर में चल रहे रसोई गैस किल्लत के चलते सिलेण्डर बुङ्क्षकग की समय सीमा 25 दिन करने से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को परेशानी हो गई है। कमोबेश यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में बननेे लगी है। उपखण्ड क्षेत्र के गांवों में विभिन्न कम्पनियों के करीब 14 ग्रामीण रसोई गैस वितरक हैं। गैस की किल्लत होने से बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक काफी परेशानियां हो रही हैं। एक गैस एजेंसी के बुकिंग काउंटर संचालक ने बताया कि सिलेण्डर की आपूर्ति देने में 8-10 दिन का समय लग रहा है। इससे उसके यहां 1500 से अधिक उपभोक्ताओं की सिलेण्डर आपूर्ति पेंडिंग हो गई है। यहीं स्थिति रसोई गैस के अन्य दो वितरकों के यहां बनी हुई है।