
हिण्डौनसिटी. केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी पर गेहूं खरीद के मानकों में शिथिलता देने के बाद जिले भर में भारतीय खाद्य निगम के खरीद केंद्रों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। हिण्डौन कृषि उपज मंडी स्थित खरीद केंद्र पर पहले ही दिन 17 किसानों से एक हजार कट्टा गेहूं की खरीद की गई। इसी तरह टोडाभीम और करौली बलुआपुरा में भी खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं जिले में अभी सरसों और चना की एमएसपी खरीद का श्रीगणेश नहीं हुआ है। दोनों की उपजों के मंडी मेंं भाव अधिक होने से राजफैड के खरीद केंद्र सूने पड़े हैं।
एफसीआई हिण्डौन केंद्र प्रभारी आनंद शर्मा ने बताया कि मानकों में राहत मिलने से किसानों की पंजीयन संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बेमौसम बारिश से प्रभावित गेहूं की उपज को अब सरकारी कांटे पर बेचने का अवसर मिलने से किसानों में उत्साह है। सोमवार को टोडाभीम में 500 , करौली में 600 तथा बलुआ पुरा में 300 कट्टा गेहूं की खरीद की गई। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे 150 रुपए बोनस के चलते इस बार गेहूं का एमएसपी भाव 2735 रुपए प्रति क्विंटल तय हुआ है, जबकि मंडी में बोली मात्र 2300-2400 रुपए तक सीमित रही। ऐसे में किसानों के लिए सरकारी खरीद केंद्र बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं।
मंडी के भावों से एमएसपी दर पिछड़ी
जिले की कृषि उपज मंडियों में सीड्स ऑयल टेस्टिंग से सरसों के भाव तय होने से कुछ कमी आई है। लेकिन अभी भी मंडी में सरसों के भाव एमएसपी से 600 रुपए अधिक चल रहे हैं। इस बार सरसों की एमएसपी दर 6200 रुपए प्रति क्विंटल है। वहीं सोमवार को सरसों के मंडी भाव 6805 रुपए प्रति क्विंटल रहे। इधर एमएसपी पर चना के भाव मंडी से 500 रुपए अधिक होने के बावजूद किसान सरकारी कांटे पर नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में राजफैड द्वारा सरसों और चना एमएसपी खरीद के लिए स्थापित 6 केंद्रों पर अभी तुलाई का श्रीगणेश नहीं हो पाया है।