10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

करौली

अब नहीं जाना पड़ता जयपुर… डे केयर सेंटर से कैंसर रोगियों को राहत, अस्पताल में मिल रही फॉलोअप कीमोथेरेपी

हिण्डौनसिटी. कैंसर रोग से जूझ रहे क्षेत्र में मरीजों के अब फॉलोअप कीमो थैरेपी के लिए जयपुर जाना नहीं पड़ता। शहर के जिला स्तरीय चिकित्सालय में कैंसर केयर सेंटर संचालित होन से रोगियों को फॉलोअप व कीमो केे दुष्प्रभाव हुई बीमारियों के उपचार के लिए बाहर जाने की समस्या से निजात मिल गई है। जिला […]

Google source verification

हिण्डौनसिटी. कैंसर रोग से जूझ रहे क्षेत्र में मरीजों के अब फॉलोअप कीमो थैरेपी के लिए जयपुर जाना नहीं पड़ता। शहर के जिला स्तरीय चिकित्सालय में कैंसर केयर सेंटर संचालित होन से रोगियों को फॉलोअप व कीमो केे दुष्प्रभाव हुई बीमारियों के उपचार के लिए बाहर जाने की समस्या से निजात मिल गई है। जिला अस्पताल में 3 बेड का डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर में छह माह में 119 कैंसर पीडि़तों को फॉलोअप देने के साथ अन्य बीमारियों का उपचार किया जा चुका है।
दरअसल कैंसर रोगियों को उपचार में सहूलियत देने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में जिला स्तरीय चिकित्सालयों में 3 बेड की कैंसर केयर यूनिट की घोषणा की थी। जिसमें कैंसर रोगियों को स्थानीय पर डे-केयर के तौर पर परामर्श व उपचार की सुविधा मिल सके। इसके तहत चिकित्सालय की ओपीडी में एक कक्ष में तीन बैड की कैंसर केयर यूनिट स्थापित कर शुरू कर दी । इसमें स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर से प्रशिक्षण प्राप्त फिजिशियन डॉ. अंकुश अग्रवाल की निगरानी में भर्ती रोगियों की देखरेख के लिए डेडिकेटेड़ नर्सिंग ऑफीसर अमित शर्मा द्वारा देखरेख की जाती है। गौरतलब है जिला चिकित्सालय में कैंसर केयर सेेंटर खुलने से स्थानीय रोगियों को बाहर जाना नहीें पड़ता है। इससे क्षेत्र में आवासरत कैसर रोगियों के अब सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए जयपुर या कैंसर अस्पताल जाना नहीं पड़ता है।

असंयमित खानपान और व्यसन है कारण
कैंसर केयर यूनिट प्रभारी डॉ. अंकुश अग्रवाल ने बताया कि असयंमित खान और शराब, धूम्रपान को कैंसर की मुुख्य वजह माना जाता है। कई मामलों में व्यक्ति को कैंसर संक्रमण से भी हो जाता है। ऐसे में लोगों ने संयमित खानपान के साथ व्यसन मुुक्त रहना चाहिए। साथ नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।