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धुलंडी के दिन ढोल-नगाड़ों के साथ उल्लास से निकली धमाल, ठड्डा गीतों पर नृत्य कर उड़ाई गुलाल

हिण्डौनसिटी. होली पर धुलंडी के दिन बुधवार को शहर में साढ़े चार सौ वर्ष पुरानी धमाल अपने रियासतकालीन अंदाज में धूमधाम से निकली। ढोल-नगाड़ों के डंकों की गूंज पर हवा में लहराती लाठियों के बीच धार्मिक वृतांतोंं के ख्याल ठड्ड़ा गीतों की स्वर लहरियों से दशकों पुराना उत्साह फिर से जीवंत हो गया। धाकड़ समाज […]

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हिण्डौनसिटी. होली पर धुलंडी के दिन बुधवार को शहर में साढ़े चार सौ वर्ष पुरानी धमाल अपने रियासतकालीन अंदाज में धूमधाम से निकली। ढोल-नगाड़ों के डंकों की गूंज पर हवा में लहराती लाठियों के बीच धार्मिक वृतांतोंं के ख्याल ठड्ड़ा गीतों की स्वर लहरियों से दशकों पुराना उत्साह फिर से जीवंत हो गया। धाकड़ समाज की ओर से निकाली धमाल में लोगों ने खूब गुलाल उड़ाई। साथ ही लोगों ने गुलाल और पुष्प वर्षा कर धमाल का स्वागत किया।
धाकड़ पोठा स्थित धाकड़ों की अथाई से दोपहर में करीब ढाई बजे धमाल शुरू हुई। गुलाल से सराबोर सैकड़ों लोग परम्परागत तरीके से ढोल नगाड़ों की गूंज के साथ हवा में लाठियां लहराते हुए निकले। ढोल-नगाड़ों की धूम और मंजीरों की झंकार पर समाज के चरणसिंह, रामभरोसी राजौरिया, बाबूलाल, विक्रमसिंह, प्रहलाद, रूपसिंह आदि बुजुर्ग गायकों की जोठ रामायण, महाभारत व अन्य धार्मिक वृतांतों पर ठड्डा गायन कर माहौल को धार्मिक और सांस्कृतिक रंग दे रहे थे। वहीं युवाओं के समूह गायन के स्वरों में उठाव व उतार पर लाठियों को लहरा कूदते हुए नृत्य करते चल रहे थे। धमाल धाकड़ पोठा चौराहा, खारी नाला पुलिया व खटीक पाड़ा पहुंची। जहां धर्मसिंह राजौरा के नेतृत्व में खटीक समाज के लोगों ने गुलाल उड़ा कर धमाल का स्वागत किया और साथ में शामिल हो गए। धमाल का रास्ते में दिलसुख की टाल पर व कोलियों की गली में गुलाल व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। रणजीतपुरा, राधावल्लभजी मंंदिर व भायलपुरा से निकल धमाल सब्जी मंडी होते हुए कटारा बाजार पहुंची। जहां धमालियों ने कुछ देर ठहर कर गायन की प्रस्तुति दी। रियायतकाल में चले आ रहे करीब एक डेढ़ किलोमीटर के रास्ते को चार घंटे तय कर धमाल धाकड़ पोठा में समाज की अथाई पर पहुंची। जहां परम्परागत गायन प्रस्तुतियों के बाद समापन हुआ। धमाल में धाकड़ समाज अध्यक्ष गोविंद सिंह, धाकड़ धर्मशाला अध्यक्ष नौनिहाल धाकड़, राधेश्याम धाकड़, रामेश्वर धाकड़, तेजसिंह धाकड़ सहित धाकड़ समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए।

सुबह दिया आमंत्रण, गाए ख्याल
सुबह समाज के लोग झंडी वाली कोठी से ढोल- नगाड़ों के साथ अथाई पर आए। इस परम्परा को धमाल के लिए सामाजिक आमंत्रण के रूप में माना जाता है। ढोल- नगाड़ों के साथ आते लोगों पर सुबह रंग डाला लाता है। बाद में आथाई पर पर ख्यात गीतों का गायन हुआ।जिसमें प्रहलाद, बिजेंद्र, छुट्टन, मेडिया बाबूलाल, उमेश राजेश मदन मोहन सहित अन्य ने होली के ख्याल गाए।

पुलिस रही तैनात
धमाल को लेकर शहर में निर्धारित मार्ग व लोगों की भीड़ के साथ पुलिस के जवान तैनात रहे। हालांकि धमाल अपने परम्परागत अंदाज में शांति पूर्ण निकली। शाम को धाकड़ पोठा बाजार में मेला भरा। जिसमें खान-पान व खिलौनों की दुकानें सजीं। इधर सुबह से ही शहर में धुलंडी पर गुलाल होली का दौर शुरू होने से पुलिस-प्रशासन चौकस रहा। चौराहों पर पुलिस तैनाती के साथ शहर में सघन गश्त रही।