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देश के राज्यों सहित नेपाल के लोगों के स्वाद चढ़ रहा राजस्थान के इस शहर की कच्ची घाणी का सरसों तेल

देश के राज्यों सहित नेपाल के लोगों के स्वाद चढ़ रहा राजस्थान के इस शहर की कच्ची घाणी का सरसों तेल

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हिण्डौनसिटी. सेण्ड स्टोन और स्लेट की फैक्ट्रियों के लिए देशभर में ख्यात रीको हिण्डौन औद्योगिक क्षेत्र अब कच्ची घाणी के सरसों तेल उद्योग में पहचान बना रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों क्विंटल सरसों से कच्ची घाणी प्रोसेसिंग के तेल निकाल कलकत्ता, बिहार, गुजरात, दिल्ली आदि प्रांतों की तेल कम्पनियों में पहुंच रहा है। यहां सरसों तेल का कारोबार 80 करोड़ रुपए वार्षिक आंकड़े को पार कर रहा है।


जिले में सरसों की बम्पर पैदावार होने व सरकार की कृषि आधारित उद्योग प्रोत्साहन योजना से सरसों के तेल उद्योग को बढ़ावा मिला है। कृषि विपणन बोर्ड और रीको की 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दिए जाने से बीते एक वर्ष में रीको औद्योगिक क्षेत्र कच्ची घाणी की दो मिले स्थापित हुई हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र में कोल्हू आधारित सरसों तेल मिलों की संख्या बढकऱ तीन हो गई है।


मिलों से प्रतिदिन करीब 30-32 टन सरसों के तेल का उत्पादन हो गया है। रीको औद्योगिक क्षेत्र से बाहर बडे प्लांट की हिण्डौन, करौली, कुडग़ांव व नागल गांव में सरसों तेल स्पेलर मिलें स्थापित हुई हैं। गौरतलब है कि रीको औद्योगिक क्षेत्र में वर्ष 2008 में एक कच्ची घाणी तेल मिल शुरू हुई थी।

सरसो तेल की नेपाल तक हो रही खपत-
सरसों तेल मिल उद्यमी ने बताया कि हिण्डौन से नेपाल तक कच्ची घाणी के सरसो तेल भेजा जा रहा है। वहीं राजस्थान के बड़े शहरों के अलावा दूसरे राज्यों में खाद्य तेल कम्पनियां तेल की खरीदार बनीं है। यहां से बरेली, आगरा, काकीनाड़ा आंध्रप्रदेश, हल्यिापोर्ट नेपाल, अहमद नगर पंजाब, बंगाल, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश में सरसों की तेल भेजा जाता है। सरसों तेल उद्यमी मुकेश बंसल के अनुसार फरवरी माह में नई सरसों के आने से मई माह तक तथा दीपावली से मकर संक्रांति तक कच्ची घाणी की मिलों में तेल तैयार किया जाता है।

इनका कहना है
राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एक कृषि निर्यात योजना में उद्यमियों को कृषि आधारित उद्यम लगाने के लिए प्रेरित किया गया। सब्सिडी से मिले सम्बल से हिण्डौन में सरसों तेल के उद्यमों को बढ़़ावा मिला है।
राजेश कर्दम, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, हिण्डौनसिटी

सरसों की बम्पर उपज से तेल उद्योग को बढ़ावा मिला है। हिण्डौन मंडी में सरसों का बड़ा कारोबार होने से तेल उद्यमियों की कच्चे माल (सरसों) की सहज उपलब्धता भी रहती है।
इंद्रेश कुमार गोयल, उद्यमी, रीको औद्योगिक क्षेत्र, हिण्डौनसिटी.

फैक्ट फाइल
सरसों तेल मिल
रीको हिण्डौन-4
आईडीडी सेंटर -1
करौली रीको -1

वर्ष मंडी में सरसों की आवक
2018-19 —- 291083
2019-20—- 394617
2020-21 —- 421638
2021-22 —– 329283
2022-23—– 442898
2023-24—– 495776
2024-25 —- 78000 क्विंटल (मई माह तक)