करौली. शहर की सडक़ों पर निराश्रित गोवंश की समस्या आमजन को मुसीबत बनी हुई है। विशेष रूप से सांडों का विचरण आफत बना है। ये सांड बाजार में कब भिड़ पड़ें, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में कई बार लड़ते सांडों के कारण लोग घायल हो चुके हैं और लोगों का नुकसान भी उठाना पड़ा है। लेकिन नगरपरिषद की ओर से समस्या समाधान के प्रति गंभीरता नहीं दर्शाई जा रही है।
सोमवार को भी यहां कोतवाली थाने के सामने दो सांडों की जबरदस्त लड़ाई हो गई, जिससे राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। सांडों को भिड़ते देख एकबारगी तो राहगीरों और वाहन चालकों में डर का माहौल बन गया। लड़ते हुए सांड कोतवाली के मुख्य दरवाजे तक पहुंच गए, ऐसे में गेट भी बंद करना पड़ा।
वहीं कुछ लोगों ने लाठी के सहारे उन्हें अलग-अलग का प्रयास भी किया। करीब 15-20 मिनट तक दोनों सांड सडक़ पर एक-दूसरे से भिड़ते रहेे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सडक़ के दोनों ओर लोग और वाहन चालक खड़े नजर आए। कई लोग तो रास्ता बदलकर दूसरे रास्तों से गंतव्य तक पहुंचे। जैसे-तैसे सांडों की लड़ाई थमी तो लोगों ने राहत की सांस ली।
लोगों का कहना है कि शहर में सांडों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिनमें कई लोग घायल भी हो चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से निराश्रित गोवंश को गोशाला भिजवाने की मांग की है।