कौशांबी. नेशनल हाइवे-2 पर एक दशक पहले बने कोखराज-हंडिया बाईपास पर गंगा नदी के ऊपर बने पुल के कई पिलर मे दरार आ गई है। एक स्थान पर सड़क थोड़ी से धंस भी गई है, जिस पर मिट्टी डालकर उसे छिपाने का प्रयास किया गया है। पुल के पिलर में दरार पड़ने की जानकारी के बाद से एन एचआई अथारिटी इसे सुधारने की कवायद मे जुट गया है।
गंगा नदी पर बने इस पुल से हर रोज सात से आठ हजार छोटे बड़े वाहन गुजरते है| पुल पर दरार के बाद से यहां लगातार खतरा बना हुआ है। कोखराज मे टोल प्लाजा के मैनेजर का मानना है कि ओवर लोड बालू लदे वाहनों के चलते पुल के पिलर मे दरार आई है| ओवर लोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए टोल प्लाज़ा कंपनी ने जिला प्रशासन सहित शासन स्तर पर अपनी बात रखी है।
नेशनल हाइवे के फोरलेन बनने के बाद कौशांबी के कोखराज से लेकर इलाहाबाद के हंडिया तक बाईपास बनाया गया। इसी बाईपास पर कोखराज के पास गंगा नदी पर लगभग डेढ़ किमी लंबा पुल बनाया गया है, एक दशक पहले पुल का संचालन शुरू किया गया। एल एंड टी कंपनी ने इस पुल को बनवाया था। इस पुल पर हर रोज सात से आठ हजार छोटे बड़े वाहन गुजरते हैं, महज दस साल मे ही पुल के छह पिलर मे कई जगह दरार पड़ गई है।
पुल के ज्वाइंट प्वाइंट के पिलर मे ही काफी लंबी दरार दिखाई दे रही है। ज्वांइट प्वांइट से आगे के छह पिलर मे कई जगह दरार दिखाई दे रही है। पिलर में दरार के अलावा पुल के बीच बीच लगे सस्पेंसन ज्वाइंट मे भी तकनीकी खराबी आ गई है। पिलर मे दरार के चलते पुल की सड़क में भी काफी दूर तक दरार दिखाई दे रही है| एक जगह पर सड़क धंस गई है जिस पर मिट्टी डाल उसे छिपाने का प्रयास किया गया है।
पुल में दरार आने से हर समय खतरा बना रहता है। पुल के लिए संचालित टोल प्लाज़ा “पाथ” के मैनेजर आर एल पाटिलदार का कहना है कि उन्हे कुछ दिनों पहले ही पुल के पिलर मे दरार की जानकारी हुई है, इस बात की सूचना उन्होंने शासन स्तर पर देने के साथ ही एल एंड टी कंपनी व कौशांबी जिला प्रशासन को दिया है। टोल के मैनेजर पुल में दरार की मुख्य वजह ओवर लोड बालू लदे वाहनों को मान रहे हैं। उनका कहना है कि ओवरलोड बालू वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी व ए आर टी को पत्र लिखा गया है।
BY- SHIV NANDAN SAHU