खंडवा में तीन पुलिया ब्रिज के रफ्तार में बाधा बनने वाली दुकानों को प्रशासन ने तोड़ दिया। स्टेशन रोड पर पूर्व पार्षद समेत 12 दुकानदारों की 16 दुकानें जमींदोज, चार को मोहलत दी गई है। दुकानदार बोले, 23 साल की गाढ़ी कमाई मिट्टी मिल गई
23 साल की गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल गई
स्टेशन रोड पर मंगलवार को पूर्व पार्षद समेत 12 लोगों की 16 दुकानें तोड़ दी गईं। 14 दुकानें रेलवे लाइन की छोर में और दो दुकानें तिराहे के सामने तोड़ी गई है। नजूल की चार दुकानों को मोहलत दिया गया है। कार्रवाई के समय रोड को ब्लॉक कर दिया गया था। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक सात घंटे तक चली। यह कार्रवाई तीन पुलिया पर निर्माणाधीन त्रि-भुजीय ब्रिज को सीधा करने के लिए की गई है। इस दौरान दुकानदारों ने कहा होली त्योहार तक मोहलत नहीं दी गई। 23 साल की गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल गई।
एनाउंस होते ही अफरा-तफरी मच गई
प्रशासन की संयुक्त टीम सुबह स्टेशन रोड पहुंची। एनाउंस होते ही अफरा-तफरी मच गई। प्रभावित दुकानदारों ने सिटी मजिस्ट्रेट से होली त्योहार तक मोहलत मांगी। बोले अभी एक साल तक चालू नहीं होगा। दुकानें वर्ष 2003 की हैं। 16 फरवरी को नोटिस मिली। 20 को तहसीलदार कार्यालय गए थे। उन्होंने 24 को बुलाया था। आज तोडऩे आ गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा, मैं तो जनता का सेवक हूं। एक साल से मोहलत दी जा चुकी है। शाम तक मौका है सामान हटा लो। तत्काल रूप से फूलमंडी जगह दी गई है।
इनकी टूटी दुकानें, देर शाम तक समेटे रहे मलबा
लक्ष्मण सिंह चौहान (पूर्व पार्षद ) की चार दुकानें तोड़ी गई हैं। इसमें सरोज प्रेम सिंह चौहान, विजय सिंह चौहान, प्रेम सिंह चौहान, सरस्वती नारायण सिंह चौहान, अल्का नंद किशोर अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण, जीवन तला भरत कुमार मालदे, वर्मा, मनोज हुकुम चंद्र, सिंघनाथ आदि की 14 दुकानें रेलवे की छोर में तोड़ी गईं। शहर की छोर में पुरुषोत्म, लक्ष्मीचंद समेत तीन लोगों की दो दुकानें तोड़ी गईं। पुरुषोत्तम का कहना है कि निगम ने उन्हें वर्ष 1965 में दुकानें दिया था। अभी तक दूसरी जगह नहीं दी और इसे तोड़ दिया।
नजूल की चार दुकानों को मोहलत
दधीचि पार्क के सामने वैशाली किराना, महादेश, मेडिकल स्टोर समेत चार दुकानें नजूल की लीज पर हैं। चारों को विस्थान का समय दिया है। इसमें एक दुकान एटीएम वाली भी है। जिसको हटाने के लिए एक दिन का समय दिया गया है।
स्टेशन रोड पर टूटेंगी सभी दुकानें
स्टेशन रोड पर कुछ दुकानें रेलवे की भूमि पर बनी हैं। उन दुकानों का टूटना तय है। रेलवे के अधिकारी पहले ही सर्वे कर चुके हैं। संभावना है कि राजस्व और निगम के बाद जल्द कार्रवाई होगी।
स्टेडियम की दुकानें दे निगम
प्रभावितों दुकानदारों का कहना है कि वर्ष 2003-04 में 3-3 लाख में दुकानें नीलामी में लिया था। वर्तमान में बाजार मूल्य 20 से 40 लाख रुपए तक है। निगम उन्हें स्टेडियम में बनाई गई दुकानें अलाट करे।
पहले से दुकानें अलाट, दोबारा डाला चूना लाइन
फूलमंडी में पहले से घंटाघर पर मटका, चूडी बेचने वाले फुटपाथियों को अलाट है। विस्थापन की बजाए। निगम ने आनन फानन में फूलमंडी में 14 दुकानों के लिए चूना लाइन खींच दिया हैै।
आयुक्त बोलीं, नजूल ने दिया है बेदखली की नोटिस
प्रियंका सिंह राजावत, आयुक्त, नगर निगम ….जिला प्रशासन के आदेश का पालन किया गया। नजूल ने बेदखली की कार्रवाई की है। दुकानदारों के सहूलियत के लिए फूल मंडी में खाली जगह दी गई है। जिससे वहां दुकानें शिफ्ट कर लें। ये दुकानें लीगल की श्रेणी में नहीं हैं।