नगरीय क्षेत्र में अमृत जल संचय अभियान के तहत जल समितियां बारिश का पानी संरक्षण करने प्रेरित करेंगी। इसमें आशा कार्यकर्ता, निगम स्टाफ एवं पटवारियों का प्रशिक्षण दिया गया है। शहर के 50 वार्डों में प्रक्रिया शुरू होगी।
जल संचयन विषय पर प्रशिक्षण दिया गया
नगर पालिका निगम खंडवा की ओर से अमृत जल संचय अभियान के तहत जल समितियों की बैठक हुई । जल समिति के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं, नगर निगम स्टाफ एवं पटवारियों उपस्थित रहे जिन्हें वर्षा जल संचयन विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण गौरीकुंज सभागृह में हुआ।
भू-जल स्तर को बढ़ाने गंभीरता से कार्य करें
प्रशिक्षण का संचालन विषय विशेषज्ञ कुलदीप फरे एवं गणेश कनाडे द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि यदि भू-जल स्तर को बढ़ाने पर गंभीरता से कार्य नहीं किया गया तो वर्ष 2027 तक हमें सेमी-क्रिटिकल स्थिति का सामना करना पड़ेगा। इसीलिए देशभर में व्यापक स्तर पर मिशन अमृत जल संचय अभियान चलाया जा रहा है।
5 चरणों में वर्षा जल संचयन प्रणाली
प्रशिक्षण में विस्तृत जानकारी दी गई कि किस प्रकार पांच चरणों में रूफटॉफ रेन वॉटर हार्वेस्टिंग ( आरडब्ल्यूएच ) सिस्टम स्थापित किए जाएंगे
1. प्रथम चरण : सभी शासकीय भवनों में।
2. द्वितीय चरण : सभी शासकीय कर्मचारियों के आवासों में।
3. तृतीय चरण : प्रतिष्ठानों, उद्योगों, उद्यानों, होटलों, अस्पतालों आदि में।
4. चतुर्थ चरण : गेटेड कॉलोनियों एवं गौशालों में।
5. पंचम चरण : सभी पक्के घरों एवं दुकानों में।
वर्षा जल संचयन के उपाय
प्रशिक्षकों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार वर्षा का जल संग्रहित कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य उपायों में शामिल हैं :
• गड्ढे ( पिट ) बनाकर वर्षा का जल संचित करना,
• बोरिंग में वर्षा जल प्रवाहित करना,
• बोरी बंधान करना,
• खेतों में तालाब बनाना,
• चेक डैम का निर्माण करना आदि।
कार्यक्रम में ये रहे माैजूद
कार्यक्रम में सहायक आयुक्त सुप्रिया मेड़ा, कार्यपालन यंत्री श्रीमती वर्षा घिड़ोड़े, उपयंत्री मनीष झीले, राजेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक जनसंपर्क अधिकारी गौरव खरे द्वारा किया गया।