मोरटक्का-थापना मार्ग पर सडक़ किनारे मिर्च-मसाले की दुकानें लगाकर रोजी-रोटी चला रहे छोटे व्यापारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद शुक्रवार दोपहर को विवाद गहरा गया । तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई दुकानदारों के मसाले जप्त कर लिए गए, जिससे इलाके में नाराजगी फैल गई।
कार्रवाई से आक्रोशित दुकानदार सीधे क्षेत्रीय विधायक के पास पहुंचे और घेराव कर अपनी पीड़ा सुनाई। व्यापारियों का कहना है कि बिना पूर्व चेतावनी उनकी दुकानों से माल उठाकर जप्त कर लिया गया, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। कई दुकानदारों ने दावा किया कि यही उनका एकमात्र आजीविका स्रोत है।
जप्त मसाले बांटने का आरोप
सबसे गंभीर आरोप यह सामने आया कि जप्त किए गए मसालों को कथित रूप से संबंधित कर्मचारियों ने आपस में बांट लिया। धर्मेंद्र कुंडले, दीपेंद्र केवट, बनवट वर्मा, आयुष पाल, रोशनी केवट रोशनी कुंडले, प्रभु आदि दुकान वालों ने आरोप लगाया कि जप्ती कर माल ट्राली में भरकर जब अमला ओंकारेश्वर आ रहा था। हमने उनका पीछा किया। तहसील ऑफिस से कुछ दूरी पर ट्रैक्टर खड़ा कर उन्होंने माल उतारा और आपस में बांटने लगे। जब हम वहां पहुंचे तो माल छोडकऱ भाग गए।
अनाउंसमेंट कर दुकाने हटाने की चेतावनी दी थी
वहीं नायब तहसीलदार नरेंद्र मुवेल ने बताया कि लाउडस्पीकर से घोषणा कर तीन दिन से दुकान हटाने की चेतावनी दी जा रही थी, किंतु इसके बावजूद भी दुकान नहीं हटाने पर समान और मसाले जप्त कर विधिवत तहसील में जमा किए गए हैं। लगभग एक ट्राली मसाला जप्त कर कार्रवाई की गई है। सडक़ किनारे जो माल पड़ा है वह ट्राली में से गिर गया होगा। पंचनामा बनाकर जब्ती की कार्रवाई की गई है। दुकानदारों के आरोप निराधार है।