गणेशोत्सव का उत्साह अब चरम पर पहुंचने लगा है। भक्तों को आकर्षित करने बड़े पंडालों में विभिन्न स्वरूप में प्रतिमाओं के साथ स्थाई झांकियों का भी निर्माण किया गया है। सेठी नगर स्थित गोल्डन ग्रुप गणेश मंडल द्वारा विराजित गणेश प्रतिमा शहर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जंगल सफारी की थीम पर सजे पंडाल में गजानन स्वरूप में गणेशजी वन्य प्राणियों का बचाने का संदेश दे रह है।
शुक्रवार को यहां जंगल सफारी की थीम को बच्चों ने सजीव कर दिया। रात्रि में हुई आरती के दौरान बच्चे विभिन्न वन्य जीवों की पोशाक में शामिल हुए और आरती की। गोल्डन ग्रुप संयोजक रितेश कपूर ने बताया कि हर साल कुछ न कुछ नया करते है। इस बार वन्य प्राणियों को बचाने का संदेश यहां दिया गया है। पूरा पंडाल भी इसी थीम पर बना है। पंडाल के प्रवेश द्वार पर मुंह खोले अजगर है, जिसके मुख और पेट से होकर पंडाल में जाना पड़ता है। अंदर वन्य प्राणियों की कलाकृतियां बनाई गई है। अंदर घुसते ही वन्य प्राणियों, पक्षियों की आवाज भी सजीव जंगल का आभाष करा रही है। पेड़ों, लटकती बेलों के बीच गणेशजी के दर्शन हो रहे है।
प्रतिमा भी विशेष
गोल्डन ग्रुप ने इस बार थीम अनुसार गणेश प्रतिमा का भी निर्माण करवाया है। यहां गणेशजी गज स्वरूप में है। उनके हाथ में मौजूद लकड़ी पर बेल चढ़ी है। सीधे हाथ पर बाज, बाये हाथ पर कबूतर, गोद में बंदर, जांघ पर सफेद चूहा और पैरों में बाघ बैठा दिख रहा है। बैकग्राउंड में एलईडी पर जंगल का दृश्य माहौल को सजीव बना रहा है।