वाल्मीकि समाज के आराध्य जाहरवीर गोगादेव जी का जन्मोत्सव भादौ कृष्ण की नवमी पर गोगा नवमीं के रूप में मनाया गया। रविवार शाम को शहर के अलग-अलग स्थानों से गोगाजी महाराज के निशान निकाले गए। इंद्रदेव ने भी गोगाजी महराज के भक्तों के पाव बारिश कर पखारे। इस दौरान तेज बारिश और बाद में रिमझिम के बीच भक्त 100 से 150 किलो वजनी छडिय़ों को उठाकर आगे बढ़ते रहे। रात 11 बजे स्टेशन रोड से चल समारोह शुरू हुआ।
छडिय़ों को कलाकारों द्वारा आकर्षक रूप दिया गया था। किसी छड़ी में बाबा बर्फानी तो किसी में जाहरवीर गोगाजी महाराज के दर्शन हो रहे थे। भगवान विष्णु हाथ में सुदर्शन चक्र लिए, भगवान श्रीराम, भगवान बालाजी के रूप में छडिय़ों में नजर आई। दादाजी मंदिर की प्रतिकृति के रूप में निकली छड़ी आकर्षण का केंद्र रही। गांधी नगर से निकली छडिय़ों का कारवा इमलीपुरा, बड़ाबम होते हुए बांबे बाजार पहुंचा। इसके साथ ही बड़ाबम जवाहर गंज से दो, घासपुरा से भी अलग-अलग स्थानों से छडिय़ां निकाली गई। गांधी भवन के पास से सभी छडिय़ां एक के बाद एक कर एकसाथ हुई और चल समारोह शुरू हुआ। छडिय़ों को निहारने बड़ी संख्या में समाजजन सहित सर्व समाज के लोग रिमझिम बारिश में भी रोड के दोनों ओर बैठे रहे। देर रात दूध तलाई स्थित गोगादेव मंदिर गोगा मेढ़ी पर दर्शन के बाद पूजा अर्चना के साथ सवा माह से चल रहे गोगानवमी पर्व का समापन हुआ।
समाज के वरिष्ठों, भगत, खलीफाओं का हुआ सम्मान
गोगा नवमी पर निकाली गई छडिय़ों में शामिल वाल्मीकि समाज के वरिष्ठजनों, भगत, खलीफाओं का जगह-जगह स्वागत किया गया। समाज के वरिष्ठ दिवंगत नेता रमेश सुनगत की स्मृति में केवलराम चौराहा पर राजू सुनगत मित्र मंडल द्वारा छडिय़ों का सम्मान किया गया। वहीं महादेव गढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल द्वारा सभी छडिय़ों के स्थानों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और वरिष्ठजनों, भगतों का सम्मान किया। बड़ाबम पर गोल्डन ग्रुप, केवलराम चौराहा, बांबे बाजार, घंटाघर, निगम चौराहा सहित विभिन्न स्थानों पर छडिय़ों का स्वागत किया गया। भाजपा, कांग्रेस सहित समाजसेवी संगठनों ने छडिय़़ों की पूजा अर्चना कर खलीफाओं, भगतों व वरिष्ठजनों का स्वागत, सम्मान किया।