कार्तिक पूर्णिमा और देव दिवाली पर तीर्थनगरी दीपों से जगमगा उठी। यहां चल रहे कार्तिक मेले और पंचकोशी यात्रा का समापन भी कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को हुआ। शाम को गोमुख घाट पर आरती का आयोजन भी हुआ। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने और पंचकोशी यात्री भी तीर्थनगरी पहुंचे। अनुमान के मुताबिक करीब 60 हजार श्रद्धालुओं ने यहां स्नान, दर्शन किए। भीड़ के कारण दोपहर बाद जाम की स्थिति भी बनी।
सिद्धवरकूट में रात्रि विश्राम के बाद सुबह ओंकारेश्वर बांध से होते हुए यात्री ओंकारेश्वर पहुंचे। यहां गोमुख घाट, ब्रह्मपुरी घाट, नागर घाट और संगम घाट पर नर्मदा स्नान कर ओमकार पर्वत परिक्रमा लगाकर पंचकोशी यात्रा पूर्ण की। ओंकार पर्वत परिक्रमा मार्ग पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। ऋण मुक्तेश्वर मंदिर, गोरी सोमनाथ मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर सहित सभी मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ दिनभर दर्शन के लिए कतार में लगी देखी गई। परिक्रमा पूर्ण करने के बाद श्रद्धालुओं ने मेला घूम कर खरीदारी भी की। रात्रि में नर्मदा किनारे पूर्णिमा के अवसर पर आतिशबाजी की गई और मंदिरों को विद्युत साज सज्जा की गई।
दोपहर बाद जाम की स्थिति रही
दोपहर 2 बजे के बाद कोठी से गणेश नगर के बीच जाम की स्थिति बनी। नर्मदा सेवा यात्रा और मंत्रियों के जाते ही पुलिस बल ड्यूटी से हट गया। जिससे गणेश नगर पार्किंग के पास जाम में गाडिय़ां फंस गई। यहां यात्री गाडिय़ों से उतरकर स्वयं व्यवस्था बनाते देखें गए। लगभग 2 घंटे बाद यहां पर कुछ जवान आए जिन्होंने यातायात को संभाला।