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lift irrigation scheme… जावर उद्वहन सिंचाई योजना… 550 करोड़ की योजना को लगा दिया भ्रष्टाचार का पलीता
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lift irrigation scheme… जावर उद्वहन सिंचाई योजना… 550 करोड़ की योजना को लगा दिया भ्रष्टाचार का पलीता

-जगह-जगह उखड़ी पड़ी मुख्य पाइप लाइन, खेतों में बाहर दिख रहे पाइप -ग्रामीण पहुंचे शिकायत करने, कलेक्टर ने ईई को साथ भेजा मौके पर -अधिकारी दबी जुबां में मान रहे लोकल ठेकेदारों ने की गड़बड़ी
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खंडवा

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Manish Arora

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Updated: 7 Jan 2026, 12:19 PM IST

खंडवा तहसील के 52 गांवों के लिए बनी 550 करोड़ की जावर-सिहाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना में अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत ने पलीता लगा दिया है। योजना में हुआ भ्रष्टाचार अब सामने आने लगा है। मंगलवार को भी कलेक्टर के निर्देश पर एनवीडीए ईई ने ग्रामीणों के साथ चार गांवों का निरीक्षण किया। कई जगह मुख्य पाइप लाइन डैमेज है तो कई जगह खेतों में पाइप जमीन के बाहर पड़े हुए मिले।

जावर उद्वहन सिंचाई योजना में 53 गांव की 26 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित होना है। एनवीडीए का दावा है कि स्कीम नंबर 4 से 8 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो रही है, हकीकत में अब तक लोगों के खेतों में पानी नहीं पहुंचा है। रबी की फसल लगा चुके किसान उद्वहन सिंचाई योजना के भरोसे हैं, जिसके चलते लगातार शिकायतें हो रही है। मंगलवार को भी ग्राम कोटवाड़ा, नहाल्दा, बडग़ांव माली, मुंदवाड़ा, सिहाड़ा सहित अन्य गांवों के किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने किसानों की शिकायत पर तत्काल एनवीडीए ईई एसपी तिर्की को उनके साथ मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

मुख्य लाइन 500 मीटर उखड़ी पड़ी
एनवीडीए ईई तिर्की और किसान सबसे पहले कोटवाड़ा पहुंचे। यहां तीन जगह एमएस पाइप की मुख्य लाइन डैमेज मिली। यहां कोटवाड़ा से मुंदवाड़ा के बीच मुख्य लाइन को जमीन में भी दबाया नहीं गया है, बाहर खुली दिख रही है। इसके साथ ही कोटवाड़ा, मुुंदवाड़ा, बडग़ांव माली के बीच 2 हजार फीट एसडीपी (प्लास्टिक पाइप) डिस्ट्रिब्यूशन लाइन भी खेतों में बाहर ही नजर आ रही थी। किसान भानूप्रतापसिंह, राजेंद्र चौहान, अनिल पाटीदार, दीपक पाटीदार, ओंकार मंडलोई, लड्डू पाटीदार कुछ खेतों में पाइप लाइन डालना अभी बाकी है। किसानों ने कहा कि जिनके खेतों से पाइप लाइन आना बाकी है, उन किसानों को हम तैयार कर रहे हैं कि वे पाइप लाइन डालने के लिए हां कर दे। इससे 12 गांव के 1 हजार किसानों को फायदा होगा।

जहर खाने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा।
किसान व भाजपा नेता कैलाश पाटीदार ने बताया कि संघर्षों के बाद मिली योजना का अधिकारियों की गलती के कारण सही संचालन नहीं हो रहा है। पाइप लाइन के माध्यम से खेतों तक पानी नहीं आ रहा है। सिहाड़ा के कुछ नालों में पानी आया है। कोटवाड़ा, मुंदवाड़ा, सुंदरबेल, नहाल्दा, रूधि, बडग़ांव माली सहित अन्य गांवों में पानी नहीं आया है। पाइप में भले पानी नहीं आए, नालों में पानी छोड़ दे तो भी जल स्तर बढ़ जाएगा और कुओं में पानी आ जाएगा। बरसात की फसल खराब हो गई, ये फसल भी नहीं बच पाई तो हमारे बच्चों के पास जहर खाने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा।