कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को जनसुवाई के दौरान एक महिला कलेक्टर के सामने फफककर रो पड़ी। महिला का कहना था कि उसके बेटे की नाव जब्त कर उसका लायसेंस निरस्त कर दिया गया है। छोटे-छोटे बच्चे है, जिनका पालन पोषण भी मुश्किल हो रहा है। इस मामले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने साफ कहा कि नाबालिग को नाव चलाते पकड़ा गया है, यदि कुछ हादसा हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता।
महिला मालती बाई ने बताया कि 21 जनवरी को उनके पोते की तबियत खराब थी, जिसे लेकर बेटा पंकज अस्पताल गया था। पंकज की नाव क्रमांक 133 पानी में खड़ी थी, जिसे नवासा किनारे बांधने ले गया था। इस दौरान किसी ने उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जिसके बाद पंकज की नाव जब्त कर नदी से बाहर कर दी गई और उसका लायसेंस भी निरस्त कर दिया। घर में पंकज अकेला कमाने वाला है, दो बच्चे है, परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। जनसुनवाई में आई महिला को प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिली।
दिव्यांग को तुरंत दिलवाई बैसाखी
शिवपुरी निवासी राधेश्याम पाटिल ने कलेक्टर को आवेदन देकर बताया कि वह दिव्यांग होने के कारण चलने फिरने में परेशानी होती है, अत: बैसाखी दिलाई जाए। जिस पर उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर जनसुनवाई में ही बैसाखी मंगाई और आवेदक को उपलब्ध कराई। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर केआर बड़ोले, डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
ये मामले भी आए जनसुनवाई में
रमेश गुर्जर ओंकारेश्वर ने बताया कि उसकी दुकान अतिक्रमण बताकर तुड़वा दी गई, जबकि पास की ही अन्य दुकानों को नहीं तोड़ा गया। भवरली माल सोंडिया खेड़ा निवासी ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में सडक़ क्षतिग्रस्त होने से उन्हें आने जाने में काफी समस्या हो रही है। अंबेडकर वार्ड के निवासियों ने साईं एवेन्यू कॉलोनी के कॉलोनाइजर द्वारा परंपरागत रास्ते को बाउंड्रीवाल बनाकर बंद करने की शिकायत की। जनजातीय बालक आश्रम रोशनी में पढऩे वाले बच्चों के अभिभावकों ने छात्रावास आश्रम की अव्यवस्थाएं सुधारने का अनुरोध किया।